दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि उम्मीद जाहिर की कि 18 सितंबर को होने वाले चुनावों के दौरान नियम कानूनों का कोई उल्लंघन नहीं होगा. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय एवं जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि हम केवल यही उम्मीद कर सकते हैं कि चुनावों के दौरान नियामक उपायों का कोई उल्लंघन न हो. उस सब का ज़िम्मेदारी विविद्यालय प्रशासन, दिल्ली पुलिस और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के संगठनों की होगी. 17 सितंबर को भी मामले में सुनवाई जारी रहेगी.
यातायात पुलिस की सख्त कार्रवाई
पुलिस के वकील ने कोर्ट को बताया कि चुनावों निगरानी के लिए की चौबीसों घंटे 35 मोटरसाइकिलों के साथ 149 यातायात कर्मचारियों को तैनात किया गया है. उम्मीदवारों के उल्लंघनों को लेकर 24 अगस्त से कल रात तक 4,593 चालान जारी किए गए हैं. मंगलवार को उम्मीदवारों ने पैदल रैली की और प्रचार के लिए किसी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया है.
कोर्ट ने कहा कि यह कितनी विडंबना है कि ऐसे मामलों में हमें विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस और अन्य प्रशासन को अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए कहने के लिए कहा जाता है. आज की तस्वीर भी देखिए कूड़ा फेंकना एक बात है. स्टिकर वाली यह गाड़ी क्या थी? गाड़ी के आगे लगे स्टिकर को देखिए. यह वहां क्या कर रहा है? पुलिस के वकील ने कहा कि कल शाम से आज दोपहर 1 बजे तक यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर दो सौ चालान जारी किए गए हैं. यातायात पुलिस किसी को भी नहीं बख्शेगी.
कोर्ट ने अधिकारियों से मांगी नई स्थिति रिपोर्ट
कोर्ट ने पक्षकारों के दाखिल दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए मौखिक रूप से टिप्पणी की कि अधिकारियों का प्राथमिक कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव व्यवस्थित ढंग से हों. उसने अधिकारियों को इस मामले में नई स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.
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-भारत एक्सप्रेस
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