Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

जल उठा PoK! बाजार बंद, लोगों ने क्यों किया चक्काजाम?

Pok Protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सेना की गोलीबारी के बाद हालात बिगड़ गए है. हजारों लोग सड़कों पर उतरे, शटर-डाउन व व्हील-जैम हड़ताल कर रहे हैं.

Pok Protest

Pok Protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सोमवार को हालात एक बार फिर बेकाबू हो गए हैं. सेना की गोलीबारी के बाद आम लोगों ने हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिया है. हजारों नागरिक सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान सरकार और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. जनता ने शटर-डाउन और व्हील-जैम हड़ताल के माध्यम से विरोध दर्ज कराया. यह हड़ताल सार्वजनिक कार्रवाई समिति (Public Action Committee) द्वारा जारी 38-बिंदु की मांगों की सूची के समर्थन में की गई.

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुठाफराबाद और अन्य प्रमुख केंद्रों में बाजार और परिवहन पूरी तरह ठप रहे. सड़कें सुनसान थीं, वाणिज्यिक केंद्र और लॉरी डिपो बंद रहे. PoK के होटल और दुकानों में भी सन्नाटा पसरा रहा. स्कूलों के क्लासरूम खाली रहे, क्योंकि अधिकांश छात्र हड़ताल के चलते पढ़ाई में शामिल नहीं हुए.

इंटरनेट व मोबाइल सेवाएं दूसरे दिन भी बाधित

हड़ताल के दौरान इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी बाधित रहीं. टेलीफोन सेवाओं में भी गड़बड़ी रही, जिससे क्षेत्र की जनता बाहरी दुनिया से लगभग कट गई. सार्वजनिक कार्रवाई समिति ने अपनी मांगों में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करने और स्थानीय अभिजात वर्ग को मिलने वाले विशेषाधिकारों को रद्द करने की बात कही है.

समिति ने बताया कि शाम को एक बड़ा रैली भी आयोजित की जाएगी. विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर आतंकवाद की भेंट चढ़ा हुआ एक क्षेत्र है. यहां के लोग न केवल आतंकवादी हमलों का सामना करते हैं, बल्कि राज्य केंद्रित सुरक्षा अभियानों के दौरान भी अक्सर हताहत होते हैं. 2024 के ग्लोबल टेरर इंडेक्स (GTI) के अनुसार, दुनिया में आतंकवाद से होने वाली मौतों का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में होता है.

स्थानीय संसाधनों पर पाकिस्तान सेना का कब्जा

रिपोर्ट के अनुसार, ‘आधुनिक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट और खुले स्रोतों का डेटा बताते हैं कि यह क्षेत्र किसी भी तरह की सुरक्षित जगह नहीं है. यहां के लोग आतंकवाद के गंभीर शिकार हैं और यह दक्षिण एशिया का सबसे पिछड़ा इलाका बन गया है. लगातार हमले और हिंसा का डर विकास और निवेश के प्रयासों को बाधित कर रहा है.’

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रीय विकास प्रयास लगातार बाधित हुए हैं. अक्सर सुरक्षा के कारण संसाधनों का बड़ा हिस्सा इन योजनाओं के बजाय सुरक्षा पर खर्च किया जाता है. इसके अलावा, जो उद्योग और पर्यटन धीरे-धीरे विकसित हुआ है, उसके लाभ भी पाकिस्तान सेना से जुड़े कंपनियों द्वारा कब्जा किए जाते हैं, जिससे स्थानीय जनता असहाय रह जाती है.

ये भी पढ़ें: दिल्ली में पीएम मोदी ने सीआर पार्क में मां दुर्गा के किए दर्शन, काली बाड़ी मंदिर में भी की पूजा-अर्चना

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital