महाराष्ट्र के वर्धा स्थित प्रतिष्ठित डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी ‘अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च’ (AIHER) का 17वां दीक्षांत समारोह शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को भव्यता के साथ संपन्न हुआ. ‘दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च’ से संस्थान का नाम बदले जाने के बाद यह पहला दीक्षांत समारोह था. इस समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की चांसलर और अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने की.
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को शिक्षा और समाज सेवा में उनके विशिष्ट योगदान के लिए मानद डॉक्टर ऑफ लेटर्स (D.Litt.) की उपाधि से सम्मानित किया गया. वहीं, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेथ को चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा शासन और सार्वजनिक स्वास्थ्य में उनके योगदान के लिए डॉक्टर ऑफ साइंस (D.Sc. Honoris Causa) की मानद उपाधि प्रदान की गई.
2,320 उपाधियां, 123 पीएचडी और पूजल मपारी को 23 पदक
दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के 10 संकायों के कुल 2,320 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 123 शोधार्थियों को पीएचडी (Ph.D.) की डिग्री शामिल है. विभिन्न संकायों के 83 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 123 गोल्ड मेडल, 7 सिल्वर मेडल और 13 अन्य पुरस्कारों से नवाजा गया. दत्ता मेघे मेडिकल कॉलेज (DMMC) की छात्रा पूजल देवीदास मपारी ने अपनी असाधारण शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय देते हुए अकेले 23 मेडल अपने नाम किए.
सफलता समाज को लौटाने में है- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपाधि प्राप्त करने वाले युवाओं को समाज सेवा के प्रति प्रेरित किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा-
“यह समाज ही है जिसने इस संस्थान को गढ़ा है, जहां से आज आप ग्रेजुएट होकर निकल रहे हैं. इसलिए अब समय समाज को वापस लौटाने (Give Back) का है. सफलता की असली परिभाषा यह नहीं है कि आप कितना धन कमाते हैं, बल्कि यह है कि आप समाज के लिए कितना योगदान दे पाते हैं. “
समारोह के दौरान एक हल्का-फुल्का क्षण भी आया, जब पीएचडी धारकों की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने चुटकी ली. उन्होंने कहा कि जब मैं इन सभी पीएचडी धारकों को देखता हूं, तो भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं कि मुझे पीएचडी हासिल करने के लिए उतनी कड़ी मेहनत नहीं करनी पड़ी, जितनी इन्होंने की है.
डॉ. प्रीति अदाणी ने स्वर्गीय दत्ता मेघे को किया नमन
संस्थान की चांसलर डॉ. प्रीति अदाणी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा-
“आज का दिन हमारे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण है. छात्रों, उनके परिवारों और शिक्षकों के लिए यह वर्षों की कड़ी मेहनत और समर्पण का फल है. हम स्वर्गीय श्री दत्ता मेघे जी को भी आदरपूर्वक याद करते हैं, जिनके दूरदर्शी विजन ने इस संस्थान की नींव रखी और शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका यह योगदान आज भी संस्थान की अमूल्य धरोहर है.”
10 संकाय और संस्थान की शैक्षणिक शक्ति
सावंगी मेघे (वर्धा) में नागपुर से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह बहुविषयक विश्वविद्यालय ‘लर्न एंड लीड’ (Learn and Lead) के ध्येय वाक्य के साथ संचालित हो रहा है. कभी महज 100 मेडिकल छात्रों से शुरू हुआ यह संस्थान आज 14,000 से अधिक विद्यार्थियों और 260 से ज्यादा बहुविषयक पाठ्यक्रमों का विशाल शैक्षणिक केंद्र बन चुका है. वर्ष 2019 में इसने नागपुर में अपना पहला ऑफ-कैंपस कॉलेज भी स्थापित किया था. यह संस्थान राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा सर्वोच्च ‘A++’ ग्रेड मान्यता प्राप्त है.
- जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC)
- दत्ता मेघे मेडिकल कॉलेज (DMMC)
- शरद पवार डेंटल कॉलेज (SPDC)
- महात्मा गांधी आयुर्वेद कॉलेज एवं अनुसंधान केंद्र (MGAC&RC)
- रवि नायर फिजियोथेरेपी कॉलेज (RNPC)
- श्रीमती राधिकाबाई मेघे मेमोरियल कॉलेज ऑफ नर्सिंग (SRMMCON)
- स्कूल ऑफ अलाइड हेल्थ साइंसेज (SAHS)
- दत्ता मेघे कॉलेज ऑफ फार्मेसी (DMCP)
- फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (FEAT)
- स्कूल ऑफ अलाइड साइंसेज (SAS)
विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में महाराष्ट्र सरकार के राज्य मंत्री डॉ. पंकज राजेश भोयर उपस्थित रहे. इसके अलावा विश्वविद्यालय के कोषाध्यक्ष डॉ. मलय महादेविआ, ट्रस्टी श्री सागर मेघे और कुलपति डॉ. ललितभूषण वाघमारे मंच पर उपस्थित रहे और दीक्षांत की औपचारिकताओं को संपन्न कराया.
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