प्रतीकात्मक फोटो.
मुंबई पुलिस ने पिछले नौ महीनों में अवैध रूप से रह रहे 2,000 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों (Bangladeshi Infiltration) को गिरफ्तार किया है. इस दौरान 1,000 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि शेष के डिपोर्टेशन की प्रक्रिया जारी है.
पुलिस का यह अभियान अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं. मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान कई गिरफ्तार व्यक्तियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं. इन दस्तावेजों का उपयोग कर ये लोग लंबे समय से भारत में रह रहे थे.
अधिकारी ने कहा, “यह सिर्फ अवैध प्रवास का मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है. विदेशी नागरिकों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के जरिए आधार कार्ड हासिल करना और देश में लंबे समय तक रहना सुरक्षा एजेंसियों के लिए खतरा पैदा कर सकता है.”
इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये अवैध प्रवासी मुख्य रूप से मुंबई के घनी आबादी वाले इलाकों, जैसे धारावी, गोवंडी, मालवणी और अन्य उपनगरीय क्षेत्रों में रह रहे थे. इनमें से कई लोग छोटे-मोटे काम, जैसे दिहाड़ी मजदूरी, घरेलू काम और छोटे व्यवसायों में लगे थे. पुलिस ने खुफिया जानकारी और स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर इनकी पहचान की और छापेमारी कर गिरफ्तारी की.
अधिकारियों ने बताया कि अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसमें आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की जांच के लिए डिजिटल और मैनुअल सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जा रही है. इसके अलावा, पुलिस ने स्थानीय समुदायों से भी सहयोग मांगा है ताकि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल सके.
मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें.
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-भारत एक्सप्रेस
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