जावेद अख्तर ने तसलीमा नसरीन की बहस
Javed Akhtar and Taslima Nasrin: निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन और मशहूर गीतकार जावेद अख्तर के बीच सोशल मीडिया पर संस्कृति और धर्म की पहचान को लेकर एक तीखी बहस छिड़ गई है. विवाद तब शुरू हुआ जब तसलीमा नसरीन ने एक पूजा पंडाल की तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि बंगाली संस्कृति की नींव हिंदू संस्कृति है और बंगाली मुस्लिमों की संस्कृति अरब की नहीं, बल्कि हिंदू परंपराओं में जड़ें रखने वाली बंगाली संस्कृति है. उनके इस बयान पर जावेद अख्तर ने तुरंत प्रतिक्रिया दी, जिससे एक गंभीर बहस शुरू हो गई कि क्या संस्कृति को धर्म के आधार पर विभाजित किया जा सकता है.
दोनों के बीच सोशल मीडिया पोस्ट पर हुई बहस अब चर्चा का विषय बना हुआ है. तसलीमा नसरीन और जावेद अख्तर के बीच सोशल मीडिया पर हुई बहस ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है.
जावेद अख्तर और तसलीमा नसरीन की बहस
तसलीमा नसरीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने कहा कि बंगाली संस्कृति की नींव हिंदू संस्कृति है. इस पोस्ट पर मशहूर गीतकार और कवि जावेद अख्तर ने जवाब दिया, जिससे एक दिलचस्प बहस शुरू हो गई. तसलीमा ने एक पूजा पंडाल की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि बंगाली मुस्लिमों की संस्कृति अरब की नहीं, बल्कि हिंदू परंपराओं में जड़ें रखने वाली बंगाली संस्कृति है.
We the people of traditional Awadh have great respect for Bengali culture , language and literature. But if some one is unable to appreciate and respect the great Ganga Jamni Awadh culture and its refinement its sophistication then it’s completely his lose . This culture has…
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) September 30, 2025
जावेद अख्तर की प्रतिक्रिया
जावेद अख्तर ने तसलीमा की बात का जवाब देते हुए गंगा-जमुनी अवध संस्कृति की तारीफ की. उन्होंने लिखा कि अगर कोई गंगा-जमुनी अवध संस्कृति और इसकी सुंदरता व शालीनता को नहीं समझता, तो यह पूरी तरह उसका नुकसान है. जावेद ने कहा कि हमारी संस्कृति का अरब से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन फारसी और मध्य एशियाई संस्कृतियों का प्रभाव पड़ा है, लेकिन ‘हमारी शर्तों पर.’
संस्कृति और धर्म पर बहस
जावेद अख्तर ने एक और पोस्ट में लिखा कि संस्कृति को धर्म के आधार पर नहीं बांटा जा सकता. उन्होंने पूछा कि क्या गुजराती हिंदुओं और तमिल हिंदुओं की संस्कृति एक जैसी है? या लखनऊ के मुस्लिम और कोंकण के मुस्लिम की संस्कृति एक जैसी है? संस्कृति और भाषाएं क्षेत्रों से जुड़ी होती हैं, धर्मों से नहीं.
ये भी पढ़ें: टूटेगा 100% सपोर्ट का भरोसा! प्लान गाजा डोनाल्ड ट्रंप को धोखा देंगे शहबाज-मुनीर?
पहले भी हुआ था विवाद
पिछले महीने भी बंगाल में जावेद अख्तर को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. दरअसल, पश्चिम बंगाल में ‘हिंदी सिनेमा में उर्दू’ विषय पर एक कार्यक्रम होना था, जिसमें जावेद अख्तर को शिरकत करनी थी. लेकिन कट्टरपंथी मुसलमानों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद ममता बनर्जी सरकार ने इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया.
चुनाव पहले जावेद अख्तर और तसलीमा नसरीन का विवाद
बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में माना जा रहा है कि ममता बनर्जी मुसलमानों को नाराज नहीं करना चाहती हैं. इस विवाद ने एक बार फिर से राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है और दोनों पक्षों के बीच तल्खी बढ़ गई है. ऐसे में यह पूरा टकराव, भारत में क्षेत्रीय सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक पहचान के बीच के जटिल संबंधों को उजागर करता है. अब देखना होगा कि सियासी दल इसे किस तरह से अपने लाभ के लिए उपयोग करते हैं.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
