Diwali 2025: दीपावली का पर्व इस साल 18 अक्टूबर से शुरू होकर 23 अक्टूबर 2025 तक छह दिनों तक मनाया जाएगा, जो भारतीय संस्कृति में एक अनोखा संयोग लेकर आया है. इस बार पर्व की शुरुआत धनतेरस के साथ होगी, जो समृद्धि और स्वास्थ्य का प्रतीक मानी जाती है.
ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार पुष्य नक्षत्र का महासंयोग 15 अक्टूबर को बन रहा है, जो खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. सूर्योदय से शाम 4:25 बजे तक यह नक्षत्र रहेगा, जिसके दौरान गाड़ी, कपड़े, ज्वेलरी और बही-खाते खरीदना विशेष रूप से लाभकारी होगा.
धनतेरस: समृद्धि और स्वास्थ्य का दिन
हिंदु अनुयायियों में 18 अक्टूबर को धनतेरस या धन्वंतरि जयंती मनाई जाएगी, जो दीपोत्सव की शुरुआत का प्रतीक है. इस दिन समुद्र मंथन के दौरान माता लक्ष्मी और धन्वंतरि के प्रकट होने की कथा जुड़ी है.
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस बार धनतेरस पर उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभावशाली योग बनेगा, जो शाम 5:09 बजे शुरू होगा. यह नक्षत्र व्यवसाय और शक्ति को बढ़ावा देता है. खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11:03 से दोपहर 1:09 तक और दोपहर 2:20 से 10:46 तक रहेगा. राशि अनुसार, मेष राशि वाले सोना-चांदी और वाहन, जबकि कर्क राशि वाले ज्वेलरी और सौंदर्य प्रसाधन खरीद सकते हैं.

रूप चतुर्दशी: नकारात्मकता से मुक्ति
19 अक्टूबर को रूप चतुर्दशी मनाई जाएगी, जो भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर वध की याद दिलाती है. इस दिन सूर्यास्त के बाद चार बत्तियों वाला दीपक दरवाजे के बाहर जलाने की परंपरा है, जिससे नरक से मुक्ति मिलती है. उबटन लगाकर स्नान करने का भी विधान है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन वृषभ और सिंह लग्न में पूजा शुभ रहेगी, जो आत्मविश्वास और सकारात्मकता बढ़ाएगी.
दीपावली: प्रकाश-समृद्धि का त्योहार
20 अक्टूबर को दीपावली का मुख्य दिन होगा, जब दोपहर 2:27 बजे से अमावस्या शुरू होगी. प्रदोषकाल और मध्यरात्रि में लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है. ज्योतिषी बताते हैं कि प्रदोषकाल, वृषभ लग्न और सिंह लग्न में पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है. इस दिन मिथुन राशि वाले सोना-चांदी और वस्त्र, जबकि कन्या राशि वाले ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीद सकते हैं. दीप जलाकर घर-आंगन को रोशन करने की परंपरा इस त्योहार को और भी खास बनाती है.

कार्तिक अमावस्या: पितरों का श्राद्ध करें
21 अक्टूबर को कार्तिक अमावस्या होगी, जो दोपहर 3:56 बजे तक रहेगी. इस दिन पितरों का श्राद्ध और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है. हालांकि, सूर्यास्त के बाद प्रदोषकाल में अमावस्या न होने से इस दिन लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त नहीं मिलेगा. तुला राशि वाले इस दिन वस्त्र और सौंदर्य प्रसाधन, जबकि वृश्चिक राशि वाले ज्वेलरी और मूर्तियां खरीद सकते हैं.
गोवर्धन और अन्नकूट: प्रकृति की पूजा
22 अक्टूबर को कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा. भगवान कृष्ण को अन्नकूट का भोग लगाकर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है. इस दिन धनु राशि वाले वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स, जबकि मकर राशि वाले सोना-चांदी और भूमि खरीद सकते हैं. यह दिन परिवार के साथ मिल-जुलकर मनाया जाता है.

भाई दूज: भाई-बहन का पवित्र बंधन
23 अक्टूबर को भाई दूज मनाई जाएगी, जो भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है. बहनें भाइयों का तिलक करती हैं और भोजन कराती हैं. इस दिन यमुना स्नान, यमपूजन और यमतर्पण की भी परंपरा है. शाम 7:50 बजे तक यह पर्व चलेगा. कुंभ राशि वाले वस्त्र और इलेक्ट्रॉनिक्स, जबकि मीन राशि वाले ज्वेलरी और मूर्तियां खरीद सकते हैं.

राशि अनुसार खरीदारी का विशेष महत्व
हर राशि के लिए खरीदारी का विशेष महत्व है. मेष राशि के लिए वाहन और सोना, वृषभ के लिए ज्वेलरी, मिथुन के लिए वस्त्र, कर्क के लिए सौंदर्य प्रसाधन, सिंह के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, कन्या के लिए ज्वेलरी, तुला के लिए वस्त्र, वृश्चिक के लिए मूर्तियां, धनु के लिए वाहन, मकर के लिए भूमि, कुंभ के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और मीन के लिए ज्वेलरी शुभ मानी जाती है. यह खरीदारी पुष्य नक्षत्र या शुभ मुहूर्त में करने से लाभ मिलेगा.

दीपावली 2025 छह दिनों के इस भव्य उत्सव के साथ न केवल प्रकाश और समृद्धि लाता है, बल्कि परिवार और समाज में एकता को भी मजबूत करता है.
ज्योतिषीय सुझावों के साथ सही मुहूर्त में पूजा और खरीदारी करने से जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि आएगी. इस त्योहार को हर्षोल्लास के साथ मनाएं और परंपराओं को जीवित रखें!
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