Bihar Election 2025: विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी बयानबाजी भी तेज होती जा रही है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. एक चुनावी रैली में उन्होंने एक मौलवी से बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मौलवी से पूछा कि क्या उन्हें आयुष्मान कार्ड मिला? मौलवी ने हां कहा. फिर पूछा कि क्या इसमें हिंदू-मुस्लिम का कोई भेदभाव हुआ? जवाब फिर से हां में मिला. इसके बाद गिरिराज सिंह ने पूछा क्या कि आपने मुझे वोट दिया? मौलवी ने हां कहा, लेकिन जब उन्होंने खुदा की कसम खाने को कहा तो मौलवी चुप हो गए.
गिरिराज सिंह का बयान
गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि जो लोग उपकार को नहीं मानते उन्हें नमक हराम कहा जाता है. उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोगों के वोट उन्हें नहीं चाहिए. इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि गिरिराज सिंह को मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित कर देना चाहिए.
गिरिराज सिंह की सफाई
बवाल बढ़ने पर गिरिराज सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि इस्लाम में मुफ्त खाना हराम माना जाता है लेकिन क्या वे 5 किलो राशन नहीं ले रहे हैं? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, नल-जल योजना, गैस सिलेंडर जैसी योजनाओं में हिंदू-मुस्लिम के बीच कोई भेदभाव हुआ? उन्होंने कहा कि जो लोग हाय-तौबा मचा रहे हैं उन्हें समझना चाहिए कि भारत का कानून किसी धर्म के हिसाब से नहीं चलेगा.
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उन्होंने बुर्का प्रथा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत में मतदान और कानून संविधान के अनुसार चलेगा न कि किसी धार्मिक परंपरा के अनुसार. इस बयान ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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