देश के बहादुर सशस्त्र बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाने की अपनी परंपरा को जारी रखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल भारतीय नौसेना के कर्मियों के साथ यह त्योहार मनाया. प्रधानमंत्री ने गोवा और कारवार के तट पर तैनात भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने नौसेना कर्मियों से मुलाकात की और उनके साथ दिवाली का पर्व मनाया.
संबोधन को जल्द ही किया जाएगा प्रसारित
पीएम मोदी ने INS विक्रांत पर नौसेना कर्मियों को संबोधित भी किया. यह दौरा सशस्त्र बलों के प्रति प्रधानमंत्री के सम्मान और राष्ट्र की सुरक्षा में उनके योगदान को रेखांकित करता है. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने जानकारी दी है कि INS विक्रांत पर नौसेना कर्मियों को दिए गए प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को जल्द ही प्रसारित किया जाएगा. इस संबोधन में देश की समुद्री शक्ति और जवानों के शौर्य पर प्रकाश डाले जाने की उम्मीद है.

विमानवाहक पोत INS विक्रांत की विशेषताएं
INS विक्रांत भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत (Indigenous Aircraft Carrier) है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल का एक शानदार प्रतीक है. लगभग 262 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा यह विशाल पोत 40,000 मीट्रिक टन वजन का है. यह एक साथ लगभग 40 लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों को ले जाने की क्षमता रखता है. यह पोत 80 मेगावाट से अधिक ऊर्जा पैदा करने वाले शक्तिशाली गैस टर्बाइनों से संचालित होता है, जो इसे लगभग 52 किलोमीटर प्रति घंटे (28 समुद्री मील) की अधिकतम गति प्रदान करता है. INS विक्रांत के नौसेना में शामिल होने से भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में आ गया है, जिनके पास स्वदेशी रूप से विमानवाहक पोत बनाने की क्षमता है. यह भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा और ‘ब्लू वाटर’ नौसेना के रूप में अपनी ताकत को मजबूत करने की क्षमता को कई गुना बढ़ाता है.
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