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मतदान से पहले ‘गद्दारी’! चिराग पासवान ने मुस्लिम लीडर को किया पार्टी से बाहर; क्यों लिया फैसला?

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच LJPR प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने एक मुस्लिम नेता को पार्टी से बाहर निकाल दिया है. आइये जानें उन्होंने ये फैसला क्यों लिया?

Bihar Election 2025 Chirag Paswan Expels Muslim Leader Mohammad Motiullah Khan From LJPR Before 1st Phase Voting

LJP(R) में 'भूचाल'

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी सरगर्मी छाई हुई है. पूरे बिहार में इस वक्त विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज है. राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं की चुनावी मैदान में सक्रियता बढ़ गई है. पहले चरण के मतदान के लिए अब कुछ ही समय बचा हुआ है. इस बीच चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपने एक बड़े मुस्लिम नेता को दल से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. आखिर ऐसा क्या हुआ की चिराग पासलान (Chirag Paswan) को चुनाव के बीच ऐसा फैसला लेना पड़ा?

चिराग पासवान ने प्रदेश प्रधान महासचिव मोहम्मद मोतिउल्लाह खान के खिलाफ एक्शन लिया. लोक जनशक्ति पार्टी ने प्रदेश प्रधान महासचिव मोहम्मद मोतिउल्लाह को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगे हैं. अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सलीम साहिल ने इस संबंध में पत्र जारी कर जानकारी दी.

विरोधी दलों से संपर्क का आरोप

बिहार चुनाव के मतदान (Bihar Election 1st Phase Voting) से ठीक पहले लोक जनशक्ति पार्टी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने प्रदेश प्रधान महासचिव जमुई निवासी मोहम्मद मोतिउल्लाह खान को पार्टी से बाहर कर दिया है. उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और विरोधी दलों से संपर्क रखने का गंभीर आरोप लगा है.

Bihar Election के बीच कार्यकर्ताओं में हलचल

अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सलीम साहिल ने के पत्र के अनुसार, मोहम्मद मोतिउल्लाह को न सिर्फ प्रदेश प्रधान महासचिव पद से मुक्त किया गया है, बल्कि उनकी पार्टी सदस्यता भी रद्द कर दी गई है. यह कार्रवाई रविवार की दोपहर लगभग 1 बजे सार्वजनिक हुई, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में हलचल मच गई है.

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पार्टी सूत्रों के अनुसार, मोतिउल्लाह के विरोधी दलों से संपर्क और गतिविधियों के प्रमाण मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया. कार्रवाई के बाद पार्टी के अंदर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. कई लोग लोजपा (आर) के इस कदम को जरूरी अनुशासनात्मक कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं कुछ कार्यकर्ता इसे अचानक और कठोर फैसला मान रहे हैं.

चुनाव से पहले असमंजस का माहौल

मोहम्मद मोतिउल्लाह लोजपा (रामविलास) से लंबे समय से जुड़े थे और पूर्व में जमुई जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उनका झुकाव दिवंगत नेता रामविलास पासवान के समय से ही पार्टी के प्रति रहा है. इस निष्कासन से जिले की लोजपा इकाई में असमंजस का माहौल देखा जा रहा है.



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