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‘सोने जैसी शुद्ध’ यमुना! सनातन हिंदू एकता पदयात्रा से पहले धीरेंद्र शास्त्री ने उत्तरकाशी में की पूजा; बोले- नहीं चलेगी तनातनी

Bageshwar Dham Sarkar Dhirendra Shastri: दिल्ली से अपनी सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुरू करने से पहले धीरेंद्र शास्त्री उत्तराखंड के उत्तरकाशी पहुंचे और मां यमुना की पूजा अर्चना की.

Bageshwar Dham Dhirendra Shastri Kumar Vishwas Offer Prayers To Yamuna In Barkot Uttarkashi Before Sanatan Hindu Ekta Padayatra

Bageshwar Dham Sarkar Dhirendra Shastri: दिल्ली से वृंदावन के लिए अपनी सनातन एकता पदयात्रा शुरी करने से पहले प्रसिद्ध कथावाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने बुधवार को उत्तराखंड के उत्तरकाशी पहुंचे. यहां से उन्होंने अपनी धार्मिक यात्रा का शुभारंभ किया. इस यात्रा में उनके साथ प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास भी मौजूद रहे. दोनों विशेष रूप से हेलीकॉप्टर द्वारा उत्तरकाशी के गंगनानी पहुंचे. धीरेंद्र शास्त्री और कुमार विश्वास ने गंगनानी स्थित पवित्र संगम स्थल पर विधिवत पूजा-अर्चना की. शास्त्री ने पवित्र संगम पर जल अर्पित कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि के लिए कामना की.

पंडित धीरेंद्र शास्त्री की धार्मिक यात्रा की शुरुआत दिल्ली के छतरपुर स्थित आध्या कात्यायनी मंदिर से 7 नवंबर को ‘सनातन एकता पदयात्रा’ के रूप में होनी तय है. पदयात्रा 7 नवंबर को प्रातः 11 बजे शुरू होगी. इसमें धीरेंद्र शास्त्री के साथ बागेश्वर धाम के भक्तों का काफिला शामिल होने वाला है.

सोने की तरह बिल्कुल शुद्ध है यमुना

मीडिया से बात करते हुए आध्यात्मिक गुरु और बागेश्वर धाम सरकार के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यहां मां यमुना का पानी सोने की तरह बिल्कुल शुद्ध है. मां यमुना के इस रूप को देखकर मुझे हैरानी हुई कि ब्रज क्षेत्र और दिल्ली, में ऐसी पवित्रता क्यों नहीं मिलती. यह देखकर मेरा दिल बैठ गया. 7 से 16 नवंबर तक ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ के दौरान. हम दिल्ली से वृंदावन तक गांव-गांव, हर गली-गली घूमने का प्लान बना रहे हैं. हमारा मकसद हिंदुओं को एक साथ लाना और सनातनियों को एकजुट करना है.

धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि इस देश में कोई ‘तनातानी’ नहीं होगा सिर्फ ‘सनातानी’ होंगे. इस देश में कोई ‘गज़वा-ए-हिंद’ नहीं होगा, सिर्फ ‘भगवा-ए-हिंद’ होगा. राम का समर्थन करने वालों की जय-जयकार होगी, राम का विरोध करने वालों की नहीं. इसलिए, मां यमुना को उनके असली शुद्ध रूप में वापस लाने के लिए, जो वृंदावन की यात्रा के दौरान अशुद्ध हो जाती हैं, हमने यह प्रण लिया है.

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कुमार विश्वास ने दी शुभकामनाएं

कवि कुमार विश्वास ने कहा कि बागेश्वर धाम सरकार ने संकल्प लिया था कि 7 तारीख को वे राजधानी दिल्ली से निकलकर ब्रज भूमि पहुंचेंगे. उस संकल्प को पूरा करने के लिए आज पूरे पुरोहित समुदाय के साथ हमने मां यमुना के प्रवाह को प्रणाम किया और यह संकल्प लिया. हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं. बागेश्वर धाम में किए गए नेक काम की तरह, उन्होंने कई लोगों की जिंदगी में रोशनी, खुशी और बीमारियों से मुक्ति दिलाई है। ऐसे युवा संत सनातन धर्म, भारतीय ज्ञान के गौरव का झंडा लेकर दुनिया भर में फैलाएं.

संतों से करेंगे भेंट

गंगनानी में पूजा-अर्चना के बाद, दोनों ने अपनी यात्रा आगे बढ़ाई और मां यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली गांव के लिए रवाना हुए. खरसाली पहुंचकर वे मां यमुना के दर्शन करेंगे और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लेंगे. उनके आगमन की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और भक्त गंगनानी पहुंचे और उनके दर्शन किए. बताया जा रहा है कि धीरेंद्र शास्त्री उत्तरकाशी प्रवास के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे और क्षेत्र के संतों से भी भेंट करेंगे.



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