India’s e-Shram Portal Hits Milestone: भारत सरकार का ई-श्रम पोर्टल एक नया रिकॉर्ड बना चुका है. 27 नवंबर 2025 तक 31.38 करोड़ से ज्यादा असंगठित मजदूरों ने इसमें पंजीकरण कराया है. यह पोर्टल असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए बना है, जहां ज्यादातर लोग छोटे-मोटे काम करते हैं. जैसे निर्माण मजदूर, घरेलू कामगार या रेहड़ी-पटरी वाले. अब ये लोग आसानी से सरकारी मदद पा सकेंगे.
पोर्टल का उद्देश्य- मजदूरों की मदद
ई-श्रम पोर्टल 26 अगस्त 2021 को शुरू हुआ था. इसका मकसद असंगठित मजदूरों का एक बड़ा डेटाबेस बनाना है. हर पंजीकृत मजदूर को आधार कार्ड से जुड़कर एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) मिलता है. यह नंबर सिर्फ एक क्लिक पर मिल जाता है. मजदूरों को खुद ही कुछ बता कर रजिस्टर करना पड़ता है. इससे वे कई सरकारी योजनाओं से जुड़ पाते हैं. जैसे पेंशन, बीमा या स्किल ट्रेनिंग.
नई सुविधाएं- एक ही जगह सब कुछ
पिछले साल 21 अक्टूबर 2024 को ई-श्रम को ‘वन-स्टॉप-सॉल्यूशन’ बनाया गया. अब 14 केंद्र सरकार की योजनाएं इसी पोर्टल पर जुड़ गई हैं. जैसे प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) से पेंशन, नेशनल करियर सर्विस से नौकरी ढूंढना, स्किल इंडिया से ट्रेनिंग. साथ ही UMANG ऐप, डिजिटल लॉकर और myScheme जैसी चीजें भी लिंक हो गईं. इससे मजदूरों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता.
भविष्य की योजनाएं और सिक्योरटी
सरकार असंगठित और प्रवासी मजदूरों के लिए और ज्यादा योजनाएं जोड़ने वाली है. 21 नवंबर 2025 से पुराने कानूनों को नए OSH कोड में मिला दिया गया है. इससे मजदूरों की सुरक्षा बढ़ेगी. लेकिन अभी भी कई मजदूरों को पोर्टल के बारे में पता नहीं. सरकार को जागरूकता बढ़ानी होगी. यह कदम लाखों परिवारों की जिंदगी सुधार सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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