हापुड़ में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए. सोमवार को नेशनल हाईवे-09 पर दिनदहाड़े 85 लाख रुपये की बड़ी लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई. पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सरस्वती मेडिकल कॉलेज के पास बाइक सवार हथियारबंद बदमाशों ने व्यापारी के मुनीम को निशाना बनाते हुए इस दुस्साहसिक घटना को अंजाम दिया. वारदात के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.
वही एएसपी विनीत भटनागर ने बताया गौतमबुद्धनगर जिले के दादरी निवासी व्यापारी गोपालजी का मुनीम अजयपाल सिंह (निवासी गांव दादूपुर खटाना) सोमवार को जिले के व्यापारियों से पेमेंट लेने आया था. उसने जिले के दो अलग-अलग व्यापारियों से 50 लाख रुपये और 35 लाख रुपये, कुल 85 लाख रुपये नकद वसूल लिए और एक पिट्ठू बैग में रखकर वह स्कूटी से गाजियाबाद की ओर जा रहा था. जब मुनीम अजयपाल सिंह पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में एनएच-09 पर स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज के पास पहुंचा,तभी पीछे से आए बाइक सवार दो बदमाशों ने उसकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी.
बदमाशों ने छीन लिया रुपयों से भरा बैग
टक्कर लगते ही मुनीम सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया. आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हथियारों से लैस बदमाशों ने उसके कंधे से रुपयों से भरा पिट्ठू बैग छीना और बाइक से फरार हो गए. दिनदहाड़े नेशनल हाईवे पर हुई इस बड़ी लूट से इलाके में सनसनी फैला दी. राहगीरों की भीड़ जुट गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी जिससे पुलिस के हो उड़ गये. पुलिस अधिकारी सहित क्राइम ब्रांच टीम सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची. घायल मुनीम को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया.
एडीजी और डीआईजी ने घटना स्थल पर लिया जायजा
वही पुलिस अब एनएच-09 पर लगे सीसीटीवी कैमरों, टोल प्लाजा और आसपास के निजी प्रतिष्ठानों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बदमाशों की पहचान कर उनकी लोकेशन ट्रेस की जा सके. जैसे ही घटना की जानकारी एडीजी भानु भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी को मिली वैसे ही दोनों अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गये. डीआईजी के निर्देश पर एसपी ने पांच टीमों के गठन कर घटना कर जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए. इसके अलावा डीआईजी ने मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को भी हापुड़ पुलिस की मदद के लिए लगाया है.
हाईवे पर होती पुलिस पट्रोलिंग तो शायद नही होती लूट की वारदात
पिलखुवा के एनएच 09 पर व्यापारी के मुनीम से हुई 85 लाख रूपये की लूट पुलिस की लापहरवाही भी दर्शा रही है. क्योंकि पहले जिले मुख्यमार्गो पर पुलिस द्वारा पट्रोलिंग की जाती थी जो थाने एवं पुलिस लाईन में तैनात चार पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाकर उन्हें मुख्यमार्गो पर गश्त के लिए लगाया जाता था. लेकिन बीते कुछ दिनों में जिले के मुख्यमार्गो पर ऐसी कोई निगरानी नही दिखाई दे रही है. जिसका फायदा आज 85 लाख की लूट करने वाले बदमाशों ने उठाया है.
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