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IndiGo की 900 करोड़ वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट का नोटिस, कस्टम से मांगा जवाब

Delhi High Court On IndiGo: दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडिगो की 900 करोड़ रुपये से अधिक की कस्टम ड्यूटी रिफंड याचिका पर कस्टम विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी.

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Edited by Sahil Singh

Delhi High Court On IndiGo: दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडिगो द्वारा कस्टम ड्यूटी रिफंड की मांग वाली याचिका पर कस्टम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट अप्रैल में इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. जस्टिस वी कामेश्वर राव और जस्टिस विनोद कुमार ने यह नोटिस जारी किया है.

क्या है पूरा मामला?

इंडिगो ने री-इम्पोर्ट किए गए एयरक्राफ्ट पर चुकाए गए 900 करोड़ रुपए से अधिक के कस्टम डियूटी रिफंड करने की मांग की है. दायर याचिका में कहा गया है कि जिन विमानों को मेंटेनेंस और अन्य अनिवार्य प्रक्रियाओं के लिए भारत से बाहर भेजा गया था, उनके दोबारा भारत लौटने पर कस्टम विभाग द्वारा भारी जुर्माना लगाया गया, जो नियमों के खिलाफ है. इंडिगो ने इसे अनुचित बताते हुए रिफंड की मांग की है.

पिछली सुनवाई में जस्टिस शैल जैन ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था. क्योंकि उनका बेटा इंडिगो में पायलट है. एयरलाइन के अनुसार यह मुद्दा पहले ही कस्टम ट्रिब्यूनल द्वारा तय किया जा चुका है, जिसमें कहा गया था कि मरम्मत के बाद री-इम्पोर्ट पर दोबारा कस्टम ड्यूटी लगाई जा सकती है.


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याचिका में कहा गया है कि कस्टम अधिकारियों ने इंडिगो को एयरक्राफ्ट इंजन और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जो की क्लीयरेंस के लिए डियूटी अदा करने पर मजबूर किया. चूंकि जीएसटी की तरह स्वयं आकलन का विकल्प कस्टम में नहीं मिलता और एयरक्राफ्ट को लंबे समय तक ग्राउंड नही किया जा सकता था, इसलिए एयरलाइन ने प्रोटेस्ट के तहत ड्यूटी का भुगतान किया.

यह भुगतान 4000 से अधिक बिल ऑफ एंट्री में किया गया, जिसकी कुल राशि 900 करोड़ से अधिक है. जब इंडिगो ने बाद में रिफंड के लिए आवेदन दिया, तो कस्टम अधिकारियों ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि एयरलाइन को पहले हर बिल ऑफ एंट्री का पुनर्मूल्यांकन कराना होगा.

-भारत एक्सप्रेस



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