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विदेशी संसदों में भारत: 11 साल, 18 देश और पीएम मोदी का ‘महारिकॉर्ड’, नेहरू-इंदिरा-वाजपेयी छूटे पीछे

PM Modi Record In 2025: साल 2025 के अंत तक पीएम मोदी 18 बार विदेशी संसदों को संबोधित कर न सिर्फ ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया, बल्कि भारत को एक ऐसा राष्ट्र बना दिया जिसकी बात दुनिया की संसदों में गंभीरता से सुनी जाती है. आइये जानें लिस्ट

PM Modi Record Speech In 18 Foreign Parliament Surpasses Nehru Indira Gandhi Atal Bihari

कूटनीति के 'किंग' बने मोदी

PM Modi Record In 2025: साल 2025 अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है और इस विदाई के साथ भारत की कूटनीति भी एक नई ऊंचाई पर खड़ी नजर आती है. वर्ष के अंत में प्रधानमंत्री का तीन देशों का दौरा इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल वैश्विक मंच पर मौजूद नहीं है, बल्कि दिशा तय करने की भूमिका में है. पीएम मोदी आज उस भारत का चेहरा बन चुके हैं, जिसकी आवाज को दुनिया गंभीरता से सुनती है. विदेशी संसदों में उनका संबोधन केवल औपचारिक भाषण नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती ताकत, आत्मविश्वास और वैश्विक भरोसे का प्रतीक है.

पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति सिर्फ द्विपक्षीय रिश्तों को दुनिया के अलग-अलग संसद भवनों तक पहुंचाया है. साल 2025 में इथियोपिया, नामीबिया, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा घाना की संसदों में उनका संबोधन इस बात का प्रमाण है कि मोदी युग में भारत कूटनीति के नए मानक गढ़ रहा है. इसे के साथ वह देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं जिन्होंने सबसे अधिक बार विदेशी संसदों का संबोधित (PM Modi Global Diplomacy) किया है.

कब-कब कहां हुआ पीएम मोदी का संबोधन?

पीएम मोदी अब तक कुल 18 बार अन्य देशों की संसद को संबोधित (PM Modi Foreign Parliament Speech) कर चुके हैं. अमेरिकी कांग्रेस में तो उनका संबोधन दो बार हुआ है. वह ऐसा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं.

  1. भूटान- जून 2014
  2. नेपाल- अगस्त 2014
  3. ऑस्ट्रेलिया- नवंबर 2014
  4. फिजी- नवंबर 2014
  5. श्रीलंका- मार्च 2015
  6. मॉरीशस- मार्च 2015
  7. मंगोलिया- मई 2015
  8. ब्रिटेन- नवंबर 2015
  9. अफगानिस्तान- दिसंबर 2015
  10. अमेरिकी कांग्रेस (पहला संबोधन)- जुलाई 2016
  11. यूगांडा- जुलाई 2018
  12. मालदीव- जून 2019
  13. अमेरिकी कांग्रेस (दूसरा संबोधन)- जून 2023
  14. गुयाना- नवंबर 2024
  15. घाना- जुलाई 2025
  16. त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य- जुलाई 2025
  17. नामीबिया- जुलाई 2025
  18. इथियोपिया- दिसंबर 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक 18 बार विदेशी संसदों को संबोधित कर चुके हैं, जो उन्हें भारत के इतिहास में इस मामले में सबसे आगे खड़ा करता है. यह सूची न सिर्फ कूटनीतिक सक्रियता दिखाती है, बल्कि मोदी युग में भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का भी आईना है.

भारत के पूर्व प्रधानमंत्रियों की विदेशी संसद में भाषण

  • मनमोहन सिंह ने सात बार- अमेरिका, मॉरीशस, मंगोलिया, अफगानिस्तान, ब्रिटेन, श्रीलंका और नेपाल की संसद में भाषण दिया था.
  • इंदिरा गांधी ने चार बार- अमेरिका, ब्रिटेन, सोवियत संघ और मॉरीशस की असेंबली में भाषण दिया था.
  • पंडित जवाहर लाल नेहरू ने तीन बार- अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन की संसद में संबोधन दिया था.
  • राजीव गांधी ने दो बार- अमेरिका और ब्रिटेन की संसद में भाषण दिया था.
  • पीवी नरसिम्हा राव ने 1 बार- ऑस्ट्रेलिया की संसद में भाषण दिया था.
  • अटल बिहारी वाजपेयी ने दो बार- अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की संसद में भाषण दिया था.
  • मोरारजी देसाई ने एक बार- अमेरिका की संसद में अपना संबोधन दिया था.

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पीएम मोदी की अभूतपूर्व विस्तार (PM Modi Global Leadership)

पीएम मोदी ने विदेशी संसदों में सबसे अधिक बार संबोधन देकर न केवल एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक शक्ति और वैश्विक स्वीकार्यता को भी नई परिभाषा दी है. मनमोहन सिंह से लेकर नेहरू और इंदिरा गांधी तक हर प्रधानमंत्री ने अपने समय में भारत की आवाज को दुनिया तक पहुंचाया, लेकिन पीएम मोदी ने इसे अभूतपूर्व विस्तार और प्रभाव दिया.



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