13 हजार करोड़ रुपए के ड्रग्स मामले में गिरफ्तार ऋतिक बजाज को तीस हजारी कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. स्पेशल जज वीरेंद्र सिंह ने दिल्ली पुलिस की मांग पर यह निर्देश दिया है. ऋतिक बजाज को 26 दिसंबर को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा. दिल्ली पुलिस ने दुबई में.इसे गिरफ्तार किया था, इसके बाद 23 दिसंबर को दिल्ली लाया गया. इसपर इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट में शामिल होने का आरोप है. इसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी था. वही नारकोटिक्स ब्यूरो भी ऋतिक बजाज की तलाश कर रही थी. वह काफी समय से बैंकॉक में रह रहा था, उसके बाद वह दुबई भाग गया था. बजाज के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने भी मामला दर्ज कर रखा है.
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी नई दिल्ली की मदद से उसकी जियोलोकेशन ट्रेस की गई. सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के आग्रह पर 9 अक्टूबर 2025 को इंटरपोल के जरिए ऋतिक बजाज के खिलाफ रेड कॉर्नर जारी कराया था. इसके बाद सीबीआई ने इंटरपोल के बैंकॉक और अबू धाबी स्थित नेशनल सेंट्रल ब्यूरों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा. जिसके बाद ऋतिक को गिरफ्तार करने में सफलता मिली. ऋतिक बजाज महज एक आम ड्रग पेडलर नहीं है बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर सक्रिय एक बेहद रसूखदार नार्को सिंडिकेट का अहम हिस्सा रहा है.
बड़े नेटवर्क का हुआ पर्दाफाश
ऋतिक का नाम सबसे पहले साल 2024 में दिल्ली में पकड़ी गई कोकीन की सबसे बड़ी खेप के दौरान सामने आया था. अक्टूबर 2024 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महिपालपुर और रमेश नगर जैसे इलाकों में छापेमारी कर 560 किलोग्राम से अधिक कोकीन और हाइड्रोपोनिक मारिजुआना बरामद की थी.
इस कोकीन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 13000 करोड़ रुपए आंकी गई थी. 2025 में अदालत ने ऋतिक को भगोड़ा घोषित किया था. पुलिस ने बताया कि तस्करी में अब तक कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
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-भारत एक्सप्रेस
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