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यूजर नहीं, बल्कि लीडर बनें: AI सेंटर के उद्घाटन में गौतम अदाणी ने दिया मंत्र, शरद पवार को बताया मेंटर

Gautam Adani Speech In AI Center: बारामती में AI सेंटर के उद्घाटन पर गौतम अदाणी ने शरद पवार को अपना ‘मेंटर’ बताया. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे एआई के यूजर नहीं, बल्कि लीडर बनें. अदाणी ने विदेशी तकनीक पर निर्भरता को खतरनाक बताते हुए ‘सॉवरेन एआई’ की वकालत की है.

Gautam Adani Speech In Vidya Pratishthan Sharad Pawar AI CoE Inauguration Baramati

Gautam Adani Speech In AI Center: अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने रविवार को महाराष्ट्र के बारामती में एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत की. विद्या प्रतिष्ठान के ‘शरदचंद्र पवार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (AI CoE) का उद्घाटन करते हुए उन्होंने युवाओं से ‘एज ऑफ इंटेलिजेंस’ का नेतृत्व करने का आह्वान किया. इस मौके पर उन्होंने एनसीपी प्रमुख शरद पवार को अपना मार्गदर्शक (मेंटर) बताते हुए बारामती को देश के लिए विकास का एक जीता-जागता ब्लूप्रिंट करार दिया.

बारामती के विकास मॉडल की सराहना करते हुए अदाणी ने कहा कि शरद पवार ने यहां खेती, सहकारिता और शिक्षा को जिस तरह एकीकृत किया है, वह पूरे भारत के लिए सीखने योग्य है. उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात कही कि कल के बीज धरती में बोए गए थे, लेकिन आने वाले कल के बीज एल्गोरिदम में बोए जाएंगे. समारोह को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने कहा-

‘शरद पवार के साथ अपने चार दशक पुराने संबंधों को याद किया. उन्होंने कहा कि पवार साहब मेरे लिए सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि सच्चे अर्थों में एक मेंटर हैं. मैंने उनसे जो सीखा है, उसका कोई सानी नहीं है.’

हमें लीडर बनना होगा- गौतम अदाणी

युवाओं और शोधकर्ताओं को संबोधित करते हुए अदाणी ने ‘सॉवरेन एआई’ (संप्रभु एआई) यानी स्वदेशी एआई क्षमता विकसित करने पर जोर दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि एआई के नेतृत्व को आउटसोर्स नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि ऐसी दुनिया में जहां इंटेलिजेंस (बुद्धिमत्ता) ही आर्थिक शक्ति और राष्ट्रीय प्रभाव को तय करती है, वहां विदेशी एल्गोरिदम पर निर्भर रहना जोखिम भरा है. डेटा, निर्णय लेने की क्षमता और तकनीकी ताकत राष्ट्रहित में होनी चाहिए. हमें सिर्फ एआई का यूजर नहीं, बल्कि इसका निर्माता और लीडर बनना होगा.

नौकरी जाने का डर बेबुनियाद

एआई को लेकर नौकरियों के जाने के डर पर भी अदाणी ने खुलकर बात की. उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि हर औद्योगिक क्रांति ने शुरुआत में डर पैदा किया, लेकिन अंत में मानव क्षमता को बढ़ाया. उन्होंने भारत की मोबाइल क्रांति का उदाहरण देते हुए समझाया कि फ्लिपकार्ट, ओला, स्विगी और पेटीएम जैसे मॉडल मोबाइल पैठ से पहले मौजूद नहीं थे. मोबाइल ने भारत को ‘एक्सेस’ (पहुंच) दिया, लेकिन एआई भारत को ‘क्षमता’ देगा. इससे नए अवसर पैदा होंगे.

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दिया 25 करोड़ का योगदान

यह एआई सेंटर बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान ट्रस्ट के तहत स्थापित किया गया है, जिसके लिए गौतम अदाणी ने 2023 में 25 करोड़ रुपये का योगदान दिया था. यह केंद्र कृषि, स्वास्थ्य सेवा और गवर्नेंस में एआई के उपयोग पर शोध करेगा. अदाणी समूह खुद भी डेटा सेंटर्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रहा है, जिससे भारत एआई-आधारित विकास का केंद्र बन सके. इस कार्यक्रम में शरद पवार, अजीत पवार, सुप्रिया सुले और सुनेत्रा पवार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.



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