India Water Strike on Pakistan: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो सख्त रुख अपनाया है, उससे पड़ोसी मुल्क की नींद हराम हो गई है. भारत की ‘वॉटर स्ट्राइक’ से पाकिस्तान पहले ही बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है. अब उसे एक और करारा झटका लगा है. केंद्र सरकार की एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (EAC) ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में चिनाब नदी पर बनने वाली ‘दुलहस्ती चरण-2 जलविद्युत परियोजना’ (Dulhasti Project) को मंजूरी दे दी है.
EAC की 45वीं बैठक में इस अहम फैसले पर मुहर लगाई गई. यह एक ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ प्रोजेक्ट है, जिसकी अनुमानित लागत 3,200 करोड़ रुपये से ज्यादा है. 3,200 करोड़ का प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी से पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ने लगी है.
टेंडर का रास्ता हुआ साफ (India Water Strike)
भारत द्वारा चिनाब के पानी का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए करना पाकिस्तान के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है, क्योंकि वह अपनी कृषि जरूरतों के लिए इन्ही नदियों पर निर्भर है. इस मंजूरी के साथ ही प्रोजेक्ट के निर्माण टेंडर जारी करने का रास्ता साफ हो गया है.
गिड़गिड़ा रहा है पाकिस्तान (Water Strike On Pakistan)
पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ऐतिहासिक सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को स्थगित कर दिया था. भारत ने साफ संदेश दिया था कि आतंक और बातचीत के साथ-साथ पानी भी अब पाकिस्तान को नहीं मिलेगा. भारत के इस फैसले के बाद से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर गिड़गिड़ा रहा है और संधि को बहाल करने की भीख मांग रहा है.
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सेना चला रहा है अपना ऑपरेशन (India Pakistan water Strike)
बर्फीली पहाड़ियों में सेना का ‘हंटिंग ऑपरेशन’ एक तरफ सरकार पानी रोककर पाकिस्तान की आर्थिक कमर तोड़ रही है, तो दूसरी तरफ भारतीय सेना सरहद पर आतंकियों का सफाया कर रही है. खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तानी आतंकी किश्तवाड़ और डोडा के जंगलों में छिपे हो सकते हैं. कड़ाके की ठंड (चिल्लई कलां) के बावजूद सुरक्षाबलों ने इन इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है.
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