Urdu Conclave 2026

अमरावती: जिला महिला अस्पताल में मेडिकल लापरवाही की वजह से प्रेग्नेंट महिला की मौत? परिवारजनों ने लगाए आरोप

अमरावती के डिस्ट्रिक्ट महिला अस्पताल में इलाज के दौरान 30 वर्षीय गर्भवती महिला की मौत हो गई. परिवार ने एनेस्थीसिया की गलत डोज़ से ब्रेन डैमेज का आरोप लगाया, जांच कमेटी गठित. पढ़ें पूरी खबर..

अभिषेक पांडे/अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती जिले के डिस्ट्रिक्ट महिला अस्पताल में कथित मेडिकल लापरवाही का आरोप सामने आया है. जिसके चलते एक प्रेग्नेंट महिला की मौत हो गई. 30 वर्षीय पीडिता का नाम पल्लवी भूषण गुड्डे है. बता दें कि अमरावती डिस्ट्रिक्ट के खरतालेगांव की निवासी पल्लवी को 9 दिन पूर्व अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसकी अब मौत हो चुकी है. वहीं परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए एनेस्थीसिया की गलत डोज़ से ब्रेन डैमेज होने का दावा किया है. परिवार ने डिस्ट्रिक्ट सर्जन डॉ. पवार के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है और दोषी डॉक्टरों-नर्सों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है.

जानिए क्या है पूरी घटना?

मृतक पल्लवी के पति के मुताबिक, दरअसल पल्लवी को 12 जनवरी की सुबह फैमिली प्लानिंग सर्जरी के लिए अमरावती के डफरिन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. जांच के दौरान पता चला कि वह प्रेग्नेंट थी. इसके बाद डॉक्टरों ने सर्जरी से पहले अबॉर्शन किया और कुछ दवाइयां दीं. उसे 16 जनवरी को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया. लेकिन, जब वह कई घंटों तक बाहर नहीं आई, तो उसके रिश्तेदारों ने पूछा और डॉक्टरों ने उसे तुरंत इरविन हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी, यह कहते हुए कि पल्लवी कोमा में है.

बता दें कि इरविन अस्पताल में भर्ती होने के बाद उसकी हालत बहुत नाजुक थी, इसलिए परिवार ने उसे प्राइवेट रेडिएंट अस्पताल में भर्ती कराया. वहां हुए MRI और CT स्कैन में सूजन और दिमाग को गंभीर नुकसान की बात पता चली. बता दें कि पल्लवी आठ से नौ दिनों तक इससे जूझती रहीं लेकिन शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

पीडिता के परिवार ने अस्पताल पर लगाए आरोप

पीडिता के परिवारजनों ने बातचीत में बताया कि पल्लवी पूरी तरह से ठीक थी, उसको बिल्कुल सही हालात में डफरिन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सभी घर वालों को उम्मीद थी कि वह एक आसान फैमिली प्लानिंग सर्जरी के बाद सुरक्षित घर लौट आएगी. लेकिन हकीकत में इसके बिल्कुल उलट हुआ. अब पल्लवी कभी भी वापिस जिंदा न लौट सकेगी.

इसको लेकर परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि ऑपरेशन के दौरान दिए गए एनेस्थीसिया या दवाओं की गलत डोज़ का दिमाग पर बुरा असर पड़ा. घटना से गुड्डे परिवार में मातम छा गया है और दोषी डॉक्टरों और नर्सों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है. वहीं इस बारे में गाडगे नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई गई है.

जांच कमेटी गठित, रिपोर्ट सौंपी जाएगी

मामले का संज्ञान लेते हुए डिस्ट्रिक्ट सर्जन ने 7 दिनों के अंदर जांच कमेटी गठित करने और पूरी रिपोर्ट सीनियर अधिकारियों को सौंपने का आदेश दिया है. पुलिस भी घटना की जांच कर रही है. परिवार और स्थानीय लोगों में गुस्सा है और सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. गुड्डे परिवार में मातम का माहौल है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read