Lucknow News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) द्वारा सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह (Dr. Rajeshwar Singh) पर की गई टिप्पणी ने सियासी तूल पकड़ लिया है. मंगलवार को लखनऊ के सरोजनीनगर में अजय राय के खिलाफ भारी जनाक्रोश देखने को मिला. कड़कड़ाती ठंड और बारिश की परवाह किए बिना 5,000 से अधिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने अजय राय का पुतला दहन किया और पुलिस को ज्ञापन सौंपकर उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की.
रविवार को अजय राय ने डॉ. राजेश्वर सिंह को लेकर एक विवादित बयान दिया था, जिसे लेकर क्षेत्र की जनता में भारी गुस्सा है. मंगलवार को शहीद पथ मोड़ से लेकर होटल हॉलिडे इन तक एक विशाल मार्च निकाला गया. पूरा इलाका ‘अजय राय होश में आओ’, ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद’ और ‘अजय राय मुर्दाबाद’ के नारों से गूंज उठा. प्रदर्शनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर अजय राय ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो यह आंदोलन और उग्र होगा.
ED की पुरानी टीस या सियासी अवसरवाद?
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि डॉ राजेश्वर सिंह की छवि एक ईमानदार और विजनरी नेता की है. समर्थकों का कहना है कि डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और पुलिस में रहते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें कांग्रेस के कई बड़े चेहरे नपे थे. अजय राय की बदजुबानी उसी कार्रवाई की बौखलाहट है. जनता ने अजय राय को ‘अवसरवादी’ बताते हुए कहा कि जो नेता कभी सपा तो कभी भाजपा की दहलीज पर रहा हो, उसे डॉ. राजेश्वर सिंह जैसे बेदाग छवि वाले नेता पर उंगली उठाने का हक नहीं है.
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मार्च में दिग्गजों का जमावड़ा
इस विशाल प्रदर्शन में भाजपा नेता शंकरी सिंह, राजेश सिंह, कर्नल दयाशंकर दुबे, ब्लॉक प्रमुख सुनील रावत, और बड़ी संख्या में महिला पार्षदों व कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. जनता ने स्पष्ट किया कि अपने विधायक का अपमान वे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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