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रिपोर्ट- आशुतोष कुमार
Bihar Rajya Sabha Election 2026: भारतीय चुनाव आयोग ने 10 राज्यों में होने वाले 37 राज्यसभा सीटों के चुनाव का ऐलान कर दिया है. इन 10 राज्यों में बिहार की पांच सीटें भी शामिल हैं. जिन पांच सीटों पर चुनाव होना है, उनमें से कुछ सांसद रिपीट हो सकते हैं लेकिन कुछ की विदाई तय है. विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर 4 सीटें एनडीए (NDA) के खाते में जाएगी, जबकि पांचवीं सीट के लिए किसी भी गठबंधन के पास संख्या बल नहीं है. ऐसे में असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM) के 5 विधायकों का जिसे समर्थन मिलेगा, जीत उसकी होगी.
हालांकि राज्यसभा के लिए मतदान 16 मार्च को होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी. 20 मार्च तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी.
AIMIM बनेगा अहम फैक्टर
बिहार में पूर्ण बहुमत वाली एनडीए की सरकार है. भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सभी विधायकों को मिला दिया जाए तो 202 की संख्या होती है. ऐसे में इन पांच सीटों में से चार सीटों पर एनडीए का आसानी से कब्जा हो जाएगा. एक सीट के लिए चुनाव भी हो सकते हैं और एनडीए चाहे तो उसे विपक्ष के के लिए छोड़ भी सकता है. हालांकि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमाम ने उम्मीदवार देने और दोनों गठबंधनों से समर्थन की अपील की है.
राज्यसभा के लिए बिहार की गणित को समझिए
अब राज्यसभा चुनाव के लिए बिहार के गणित को समझते हैं. बिहार में कुल 243 विधानसभा सीट है. राज्यसभा चुनाव का जो गणित है, उसके मुताबिक विधानसभा की सीटों को 100 से गुना दिया जाता है. मतलब यह की एक वोट को 100 मूल्य का माना जाता है. वहीं जितनी सीटों पर चुनाव होना है, उसमें एक जोड़ दिया जाता है और उसके बाद भाग दिया जाता है.
आसान भाषा में ऐसे समझिये कि कुल विधायकों की संख्या 243 X 100 = 24300 और जितनी सीटों पर चुनाव होगा यानी 5 +1 = 6. अब 24300÷6 = 4050 होता है. इसका मतलब ये कि एक सीट के लिए 4050 मूल्य के वोट पड़ेंगे. चूकि एक विधायक के वोट का मूल्य 100 है तो एक सीट के लिए 40.5 विधायक चाहिए. राउंड फिगर की बात करें तो एक सीट के लिए 41 विधायकों का वोट चाहिए. इस फार्मूले के मुताबिक 41 की संख्या से एनडीए को पांचो सीटों पर कब्जा बनाए रखने के लिए 205 विधायकों का समर्थन चाहिए. इस तरह एनडीए चार सीटों पर तो आसानी से जीत हासिल कर लेगा.
लेकिन 5वीं सीट के लिए उन्हें 3 अतिरिक्त वोट की जरूरत होगी. हालांकि जेडीयू और बीजेपी के साथ साथ लोजपा का मानना है कि एनडीए पांचों सीटों पर जीत हासिल करेगा. बीजेपी कोटे से मंत्री लखींद्र पासवान ने विकास और अंतरात्मा के आधार पर AIMIM के वोट मिलने का भी भरोसा जताया है.
महागठबंधन की क्या है स्थिति?
उधर, दूसरी तरफ महागठबंधन के पास 35 विधायक है लेकिन यदि AIMIM अपने 5 विधायकों का समर्थन दे देता है और बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक भी सपोर्ट कर देते हैं तो राज्यसभा की एक सीट महागठबंधन की झोली में चली जाएगी. आरजेडी के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने दावा किया है कि महागठबंधन को एक सीट पर जीत सुनिश्चित है.
वहीं अगर AIMIM और बीएसपी (BSP) अपने आप को चुनाव से अलग रखते हैं तो तो पांचवीं सीट पर भी एनडीए का ही कब्जा हो जाएगा. जानकारों की माने तो पांचों सीटों पर NDA की जीत सुनिश्चित है.
-भारत एक्सप्रेस
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