मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने आज (मंगलवार) को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. 4 फरवरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम मोदी के साथ उनकी यह पहली औपचारिक बैठक थी. प्रतिनिधिमंडल में राज्य के दो उपमुख्यमंत्री, भाजपा की नेमचा किपगेन और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) की लोसी दिखो भी मौजूद रहे.
क्या रहा खास?
करीब आधे घंटे चली इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को मणिपुर के मौजूदा हालातों की जमीनी हकीकत बताई. सीएम खेमचंद ने पीएम को उन ठोस कदमों के बारे में जानकारी दी, जो राज्य सरकार पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों के बीच की दूरी को पाटने और वहां शांति बहाल करने के लिए उठा रही है. उन्होंने साफ कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य हर समुदाय के बीच फिर से विश्वास और भाईचारा पैदा करना है.
इस प्रतिनिधिमंडल में नेमचा किपगेन की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा. कांगपोकपी जिले से ताल्लुक रखने वाली नेमचा मणिपुर की पहली महिला उपमुख्यमंत्री हैं. उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत थी कि नई सरकार में महिलाओं की भागीदारी और पहाड़ी इलाकों के प्रतिनिधित्व को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है.
बैठक के दौरान सीएम खेमचंद ने महिला सशक्तिकरण का मुद्दा उठाया. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अपील की कि केंद्र सरकार मणिपुर की महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के क्षेत्र में विशेष योजनाएं लाए. उनका मानना है कि अगर राज्य की महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होंगी, तो मणिपुर में शांति और स्थिरता खुद-ब-खुद लौट आएगी. उन्होंने कहा कि मणिपुर की प्रगति का रास्ता महिलाओं की खुशहाली से होकर ही गुजरता है.
पीएम को मणिपुर आने का न्योता
मुलाकात के आखिर में मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने पीएम मोदी को मणिपुर आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया. सरकार को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के दौरे से राज्य में चल रहे विकास कार्यों को नई ऊर्जा मिलेगी और केंद्र व राज्य के बीच तालमेल और भी मजबूत होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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