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दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाने संबंधी अधिसूचना पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन पर एक महीने के लिए लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती देते हुए विधि के छात्र उदय भदौरिया ने याचिका दायर की है.

दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाने संबंधी अधिसूचना को चुनौती देने वालीयाचिका पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस जसमीत सिंह ने यह नोटिस जारी किया है. साथ ही कोर्ट ने मामले को संबंधित पीठ के पास ट्रांसफर कर दिया है.

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की पीठ 10 मार्च को सुनवाई करेगी. दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि के छात्र उदय भदौरिया ने दायर की है. दायर याचिका में दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा परिसर में एक महीने के लिए सभी प्रकार के विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को चुनौती दी है. दायर याचिका में 17 फरवरी 2026 को प्रॉक्टर कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना को भी चुनौती दी गई है.

DU में एक महीने के लिए सार्वजनिक गतिविधियों पर बैन

दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में सार्वजनिक मीटिंग, जुलूस, धरना, प्रदर्शन और प्रोटेस्ट जैसी गतिविधियों पर 17 फरवरी 2026 से एक महीने के लिए पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रोफेसर मनोज कुमार द्वारा जारी आदेश में विद्यार्थियों, फैकल्टी और स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध अवधि में किसी भी प्रकार का सार्वजनिक आयोजन अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा.

भदौरिया ने किरोड़ी मल कॉलेज और दयाल सिंह कॉलेज द्वारा जारी अधिसूचना को भी चुनौती दी है. जिनमें प्रतिबंध को और सख्ती से लागू किया गया.

दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम पर रोक

याचिका में कहा गया है कि वर्तमान स्थिति के कारण बताते हुए दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज का वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘रजनीगंधा 2026’ स्थगित कर दिया गया है. दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि विवादित अधिसूचना परिसर में शांतिपूर्ण सभा, अभिव्यक्ति और भाषण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाती है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19 (1)(a), (b) और (d) द्वारा प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है. प्रॉक्टर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में ऐसे इवेंट्स कंट्रोल से बाहर हो गए थे, इसलिए ये कदम उठाया गया है.

प्रॉक्टर ने कहा कि ये फैसला 13 फरवरी को नार्थ कैंपस पर हुई हिंसा को दोहराने से रोकने के लिए है. वो घटना यूजीसी 2026 पर प्रोटेस्ट के दौरान हुई थी.

ये भी पढ़ें- पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार तुफैल अहमद भट्ट और जमीर अहमद अहंगर को 10 दिन की NIA रिमांड पर भेजा

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-भारत एक्सप्रेस



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