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अरब सागर में ब्रिटिश परमाणु पनडुब्बी, अमेरिका को बेस की इजाजत, मिडिल ईस्ट जंग में ब्रिटेन की एंट्री

US Israel Iran conflict: मध्य पूर्व में 20 दिन से जारी युद्ध में अब ब्रिटेन भी शामिल हो गया है. HMS Anson नामक परमाणु पनडुब्बी अरब सागर में तैनात की गई है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टिमेटम दिया है, जबकि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है.

US Israel Iran conflict: मध्य पूर्व में जारी युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. बीस दिन से ज्यादा समय से चल रहे इस संघर्ष में अब ब्रिटेन भी खुलकर सामने आ गया है. ब्रिटेन ने अपनी सैन्य ताकत दिखाते हुए अरब सागर में एक परमाणु चालित पनडुब्बी भेजी है.

ब्रिटिश पनडुब्बी की तैनाती

‘डेली मेल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, HMS Anson नामक यह पनडुब्बी टॉमहॉक ब्लॉक-IV क्रूज मिसाइलों से लैस है. इसकी मारक क्षमता इतनी है कि यह सैकड़ों मील दूर स्थित लक्ष्य को भी भेद सकती है. ब्रिटेन ने अपनी नीति में बदलाव करते हुए अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति भी दे दी है. इसका मतलब है कि अब अमेरिका ब्रिटिश बेस से ईरानी ठिकानों पर हमले कर सकता है.

समुद्री जहाज पर हमला

ब्रिटेन मैरीटाइम अथॉरिटी (UKMTO) ने जानकारी दी है कि यूएई के तट के पास एक व्यापारी जहाज को निशाना बनाया गया. शारजाह से करीब 15 नॉटिकल मील दूर यह घटना हुई. जहाज के कप्तान ने बताया कि पास में किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल के कारण धमाका हुआ. हालांकि सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं.

ट्रंप का अल्टिमेटम

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन दी है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते को पूरी तरह से नहीं खोला तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाकर तबाह कर देगा.

ईरान की चेतावनी

ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरानी सेना ने कहा है कि अगर उनके ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ तो क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. ईरान ने साफ किया कि वह पीछे हटने वाला नहीं है.

लंबी दूरी की मिसाइलें

इजरायली अधिकारियों ने दावा किया है कि ईरान ने पहली बार लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया है. इजरायली सेना के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जिनकी रेंज 4,000 किलोमीटर तक है. यह हमला मध्य पूर्व से बाहर ईरान की पहली कार्रवाई बताई जा रही है.

ये भी पढ़ें-ट्रंप की चेतावनी: 48 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट खोलो, वरना ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला

ईरान का इनकार

हालांकि ईरान ने ब्रिटेन के डिएगो गार्सिया बेस पर हमले से इनकार किया है. उनका कहना है कि वहां हुए मिसाइल हमले में उनका कोई हाथ नहीं है. यह बेस फिलहाल अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ रक्षात्मक अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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