Oracle layoffs 2026 India engineers job cuts: टेक जगत से मंगलवार 31 मार्च की सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने हजारों परिवारों की खुशियां छीन लीं. दरअसल दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल (Oracle) ने एक साथ अपने 20 से 30 हजार कर्मचारियों को पिंक स्लिप थमा दी है. हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी छंटनी के लिए न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही कोई मानवीय संवाद हुआ.
कर्मचारियों को सुबह 6 बजे एक ईमेल मिला और उसके तुरंत बाद उनके ऑफिस लैपटॉप और सिस्टम का एक्सेस ब्लॉक कर दिया गया. इस छंटनी का सबसे बड़ा असर भारत पर पड़ा है, जहां से लगभग 12,000 सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरी चली गई है.
मुनाफे के बावजूद क्यों लिया यह स्टेप?
दरअसल ओरेकल का यह कदम इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि कंपनी आर्थिक तंगी से नहीं गुजर रही है. पिछली तिमाही में ओरेकल ने 17.2 बिलियन डॉलर का राजस्व (Revenue) दर्ज किया, जो पिछले 15 वर्षों में कंपनी का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है.
इसके बावजूद कंपनी ने अपनी ग्लोबल वर्कफोर्स के लगभग 18 फीसदी हिस्से को बाहर का रास्ता देख दिया है. जानकारों का मानना है कि इस छंटनी के जरिए कंपनी सालाना 8 से 10 बिलियन डॉलर (करीब 90 हजार करोड़ रुपये) का कैश फ्लो बचाने की कोशिश कर रही है.
AI डील और लैरी एलिसन की घटती संपत्ति
बता दें कि इस छंटनी के पीछे कंपनी की बदलती रणनीतियों को बड़ा कारण माना जा रहा है. ओरेकल वर्तमान में एआई (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स में भारी निवेश कर रही है. कंपनी ने OpenAI के साथ डेटा सेंटर बनाने के लिए 156 बिलियन डॉलर की एक विशाल डील की है. गौरतलब है कि इसी तरह के निवेशों के दम पर ओरेकल के संस्थापक लैरी एलिसन सितंबर 2025 में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए थे. हालांकि मौजूदा समय में कंपनी के शेयरों में गिरावट के चलते लैरी की संपत्ति भी 393 बिलियन डॉलर से घटकर 192 बिलियन डॉलर पर आ गई है.
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सोशल मीडिया पर फूटा कर्मचारियों का दर्द
इस ईमेल छंटनी ने कर्मचारियों को गहरे सदमे में डाल दिया है. रेडिट और एक्स (Twitter) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लोग अपनी आपबीती साझा कर रहे हैं. 20 साल से कंपनी को सेवा दे रहे एक सीनियर कर्मचारी ने लिखा कि उन्हें सुबह 5 बजे सिर्फ एक ‘थैंक यू’ मेल मिला और सब खत्म हो गया.
वहीं भारत से प्रभावित हुए ज्यादातर इंजीनियर्स ओरेकल के ‘क्लाउड सिस्टम’ विभाग से जुड़े थे. कई टीमों में तो 50 फीसदी तक स्टाफ कम कर दिया गया है. कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने छंटनी की प्रक्रिया में न्यूनतम शालीनता का भी पालन नहीं किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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