Egg production in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में खाने की थाली से लेकर बेकरी तक, अंडों की मांग आसमान छू रही है, लेकिन उत्पादन के मामले में राज्य अब भी काफी पीछे है. इस विशाल खाई को पाटने और दूसरे राज्यों पर निर्भरता को जड़ से खत्म करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है. राज्य के पोल्ट्री उद्योग को ‘बूस्टर डोज़’ देने के लिए राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 15 और 16 अप्रैल को प्रदेश का पहला ‘पोल्ट्री कॉन्क्लेव 2026’ आयोजित किया जा रहा है.
‘पोल्ट्री से प्रगति की ओर’ (Poultry to Progress) की शानदार थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव न सिर्फ उत्पादन बढ़ाने का ब्लूप्रिंट तैयार करेगा, बल्कि राज्य के लाखों किसानों की किस्मत बदलने का सबसे बड़ा मंच साबित होगा.
अंडा उत्पादन का बड़ा लक्ष्य (Uttar Pradesh Animal Husbandry)
आंकड़ों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश में अंडों की रोजाना मांग 3.5 से 5.5 करोड़ के बीच है, जबकि मौजूदा उत्पादन बमुश्किल 1.5 से 2 करोड़ तक ही सीमित है. इस भारी कमी के कारण यूपी को हर दिन लाखों अंडों के लिए अन्य राज्यों का मुंह ताकना पड़ता है. पशुपालन विभाग ने अब इस तस्वीर को बदलने की ठान ली है.
सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में राज्य का अंडा उत्पादन बढ़ाकर प्रतिदिन 3.5 करोड़ से अधिक करना है. इस महात्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए किसानों और उद्यमियों को भारी सब्सिडी, मुफ्त बिजली और नई अनुकूल नीतियों का लालच देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है.
किसानों की आय में होगा सीधा इजाफा (Farmers income schemes Uttar Pradesh)
इस कॉन्क्लेव का सबसे बड़ा फोकस किसानों को सीधा फायदा पहुंचाना है. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधुनिक मुर्गी पालन को बढ़ावा देकर एक मजबूत और टिकाऊ ‘पोल्ट्री वैल्यू चेन’ तैयार की जा रही है.
इससे न केवल अंडा उत्पादन में तेजी आएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे. कॉन्क्लेव में देशभर के नामी वैज्ञानिक, पोल्ट्री एक्सपर्ट, हैचरी संचालक, पशु चिकित्सक और नए स्टार्टअप्स एक ही मंच पर जुटेंगे. यह ज्ञान और नई तकनीकों के आदान-प्रदान का सबसे बेहतरीन मौका होगा.
पॉल्ट्री कॉन्क्लेव 2026
उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग द्वारा ‘पोल्ट्री इंडिया’ के सहयोग से आयोजित हो रहे इस मेगा इवेंट की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. इस दो दिवसीय कार्यक्रम में पोल्ट्री पालक, हैचरी संचालक, उद्यमी, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और पशु चिकित्सक हिस्सा ले रहे हैं. इसके मुख्य आकर्षणों में तकनीकी सत्र, विशेषज्ञों के खास व्याख्यान, किसान-उद्यमी सीधा संवाद और नेटवर्किंग व निवेश के बेहतरीन अवसर शामिल हैं.
- दिनांक: 15-16 अप्रैल 2026
- स्थान: मार्स हॉल, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ (यूपी)
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पोल्ट्री से प्रगति की ओर (Poultry to Progress)
पिछले कुछ वर्षों में यूपी ने अंडा उत्पादन में लंबी छलांग लगाई है. जहां पहले उत्पादन 70-80 लाख प्रतिदिन था, वहीं अब यह 2 करोड़ तक पहुंच चुका है. अब ‘पोल्ट्री कॉन्क्लेव 2026’ के जरिए सरकार उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा ‘पोल्ट्री हब’ बनाने की दिशा में गियर बदल रही है. राज्य के पोल्ट्री किसान, उद्यमी और निवेशक इस सुनहरे अवसर का हिस्सा बनने के लिए आधिकारिक वेबसाइट (https://www.poultryindia.co.in/uttarpradesh-poultry-conclave/) पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं. यूपी अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि अंडों का सबसे बड़ा उत्पादक बनने की राह पर है.
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