Bharat Express DD Free Dish

दिल्ली कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, IRS अफसर के घर जबरन घुसने पर CBI अधिकारी और पुलिसकर्मी को सजा

Delhi Tis Hazari Court CBI officer conviction: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सीबीआई जॉइंट डायरेक्टर रमनीश और रिटायर्ड पुलिस अधिकारी वी.के. पांडे को दोषी ठहराया.

Tis Hazari Court

Delhi Tis Hazari Court CBI officer conviction: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने एक अहम फैसले में सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर रमनीश और रिटायर्ड पुलिस अधिकारी वी.के. पांडे को दोषी करार दिया है. मामला साल 2000 का है, जब आईआरएस अफसर अशोक कुमार अग्रवाल के घर पर छापा और गिरफ्तारी की गई थी. कोर्ट ने साफ कहा कि यह कार्रवाई सामान्य नहीं थी बल्कि जानबूझकर की गई थी ताकि सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) के आदेश को बेअसर किया जा सके.

CAT आदेश को दरकिनार करने की कोशिश

कोर्ट ने पाया कि 19 अक्टूबर 2000 को हुई छापेमारी और गिरफ्तारी पहले से योजनाबद्ध थी. इससे पहले 28 सितंबर 2000 को CAT ने अग्रवाल की सस्पेंशन की समीक्षा का आदेश दिया था. इसके बावजूद 18 अक्टूबर को सीबीआई में बैठक कर अगले दिन छापा मारने और गिरफ्तारी करने का फैसला लिया गया. कोर्ट ने इसे साफ-साफ षड्यंत्र बताया.

जबरन घर में घुसकर हिंसा

जांच में यह भी साबित हुआ कि अफसरों ने अग्रवाल के घर का दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया. उन्हें बेडरूम से घसीटकर बाहर लाया गया और सीढ़ियों पर धक्का-मुक्की की गई. मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि अग्रवाल को चोटें आईं. कोर्ट ने माना कि यह कृत्य आपराधिक trespass, नुकसान पहुंचाने और चोट पहुंचाने की श्रेणी में आता है.

सरकारी ड्यूटी का बहाना खारिज

कोर्ट ने कहा कि इस तरह की हिंसक कार्रवाई को सरकारी ड्यूटी का हिस्सा नहीं माना जा सकता. इसलिए अभियुक्तों को कानूनी सुरक्षा का लाभ नहीं दिया जा सकता. कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों को विरोधाभासी और सबूतों से रहित बताया.

पृष्ठभूमि और नतीजा

अशोक कुमार अग्रवाल, 1985 बैच के आईआरएस अधिकारी थे और उस समय प्रवर्तन निदेशालय में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे. उन्होंने पहले संवेदनशील मामलों में हस्तक्षेप की शिकायत उठाई थी. बाद में उन पर सीबीआई केस दर्ज हुआ, जिसमें उन्हें बरी कर दिया गया. कोर्ट ने माना कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई अनुचित थी और CAT के आदेश का लाभ देने से रोकने के लिए की गई थी.

ये भी पढ़ें-‘ये महिलाओं से पैर धुलवाते हैं…’ तेजस्वी यादव का केंद्र और RSS पर बड़ा हमला

दोष सिद्ध

अंततः कोर्ट ने रमनीश और वी.के. पांडे को आईपीसी की धाराओं के तहत चोट पहुंचाने, नुकसान करने और आपराधिक trespass के अपराध में दोषी पाया. यह फैसला न्यायाधीश शशांक नंदन भट्ट ने शनिवार को सुनाया.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read