महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. लोकसभा में ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ के गिरने के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं और दोनों दल देशभर में आक्रामक अभियान चला रहे हैं. बीजेपी के “हल्ला बोल” अभियान के जवाब में कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है. पार्टी अब इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा जनआंदोलन बनाने की तैयारी में है.
कांग्रेस की रणनीति और काउंटर अटैक
कांग्रेस ने रणनीति के तहत देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों में बड़े पैमाने पर प्रेस वार्ताएं शुरू कर दी हैं. पार्टी नेताओं का आरोप है कि बीजेपी महिला आरक्षण के मुद्दे पर “झूठा नैरेटिव” गढ़कर जनता को गुमराह कर रही है. दिल्ली में भी कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बीजेपी मुख्यालय की ओर मार्च किया गया और जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला. पार्टी इस मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाने की कोशिश में है.
21 अप्रैल का मेगा प्लान और प्रेस कॉन्फ्रेंस की रूपरेखा
प्रियंका गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस आज 21 अप्रैल को देश के 29 शहरों में बड़े स्तर पर प्रेस वार्ताएं आयोजित कर रही है. इसमें पार्टी की महिला नेत्रियों को मैदान में उतारा जाएगा, ताकि इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरा जा सके. प्रेस वार्ता करने वाली महिला नेताओं और उनके निर्धारित स्थानों का विवरण इस प्रकार है:
- वर्षा गायकवाड़- आंध्रप्रदेश
- कुमारी शैलजा- चंडीगढ़
- प्रणीति शिंदे- लखनऊ
- रंजीत रंजन-हरियाणा
- दीपिका पांडे सिंह-पटना
- रजनी पाटिल- अहमदाबाद
- सुप्रिया श्रीनेत- देहरादून
- शोभा ओझा- दिल्ली
- अल्का लांबा- जयपुर
- रागिनी नायक-भोपाल
- पूजा त्रिपाठी-जोधपुर
- डॉली शर्मा-जालंधर
- पंखुड़ी पाठक-उदयपुर
- नेट्टा डिसूज़ा-वाराणसी
- सुभाषिणी यादव-राजकोट
- मीनाक्षी नटराजन-रायपुर
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प्रियंका गांधी का प्रहार और कांग्रेस की मांग
प्रियंका गांधी वाड्रा ने विधेयक के गिरने को “लोकतंत्र की जीत” करार दिया. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को जानबूझकर परिसीमन और जनगणना से जोड़कर लागू करने में देरी कर रही है. कांग्रेस की साफ मांग है कि महिलाओं को 33% आरक्षण बिना किसी शर्त के तुरंत लागू किया जाए. पार्टी का कहना है कि यह आरक्षण मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर ही लागू होना चाहिए, न कि इसे भविष्य की प्रक्रियाओं से जोड़ा जाए.
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