Ashish Mishra Bail: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और जांच अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ट्रायल को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए. कोर्ट ने गवाहों को धमकाने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है. सुनवाई के दौरान आशीष मिश्रा द्वारा जमानत शर्तों के उल्लंघन और गवाहों पर पुलिस के दबाव जैसे गंभीर सवाल भी उठाए गए.
कोर्ट ने अब जांच अधिकारी और ट्रायल कोर्ट से अगले चार सप्ताह में नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.
पुलिस सुनवाई से पहले गवाहों को धमका रही
सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुनवाई कर रहे निचली अदालत के जज को गवाहों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश दिया है. कोर्ट ने जज से कहा कि दोनों मामले में चल रहे ट्रायल को समयबद्ध तरीके से समाप्त करने का प्रयास करें.
साथ ही कोर्ट ने दोनों मामले के गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया कि पुलिस सुनवाई से पहले गवाहों को धमका रही है, इसलिए वे नहीं आ रहे हैं.
कुल 35 गवाहों की गवाही होनी है
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्थिति रिपोर्ट से पता चलता है कि चार्जशीट दाखिल कर दिया गया है, लेकिन आशीष मिश्रा के संबंध में उसकी भूमिका की अभी जांच चल रही है. कोर्ट ने जांच अधिकारी से जांच पूरी कर चार सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.
दाखिल रिपोर्ट के मुताबिक पहले ट्रायल में केवल 44 गवाहों की गवाही हुई और 15 गवाहों को डिस्चार्ज कर दिया गया है. दूसरे मुकदमे में कुल 35 गवाहों की गवाही होनी है, जिनमें से 26 ने बयान दर्ज करा लिए हैं. केवल 9 बचे है.
मामले में दो ट्रायल चल रहे
कोर्ट ने कहा कि हमें देखकर निराश हुई कि तथाकथित स्थिति में पिछली तारीखों पर गवाहों को पेश न करने का कोई कारण नहीं बताया गया है. ऐसा लग रहा है कि पिछले दो महीने से किसी भी गवाह से पूछताछ नहीं कि गई है. वही सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में गवाहों को धमकाने के आरोपी अमनदीप के खिलाफ कर्ज दूसरी एफआईआर मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है.
यूपी सरकार ने कोर्ट को बताया कि मामले में दो ट्रायल चल रहा है. पहला आशीष मिश्रा के खिलाफ और दूसरा अमनदीप द्वारा गवाहों को धमकाने के मामले में.
7-8गवाहों को बुलाए
जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि आपने मार्च से आज तक क्या किया है? सीजेआई ने कहा कि 3-4 के बजाए, आप 7-8गवाहों को बुलाए. कम से कम जो उपस्थित हैं, उनसे पूछताछ की जा सकती है. कोर्ट ने इससे पहले गवाहों को धमकाने और प्रभावित करने के आरोपों की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी से कराने का निर्देश दिया था.
मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि एक गवाह पर दबाव डालने की शिकायत की प्राथमिक जांच में दबाव की बात सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज किया जा चुका है.
22 जुलाई को मिश्रा को जमानत दी
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने आशीष मिश्रा की ओर से पेश वकील से कहा था कि जमानत शर्तो का सख्ती से पालन करना होगा. वही पीड़ितों की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई को मिश्रा को जमानत दी थी. साथ ही जमानत की शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया था और उन्हें तय तारीख से केवल एक दिन पहले अपने मुकदमे के स्थान पर जाने की अनुमति दी थी.
लेकिन वह एक अक्टूबर को (लखीमपुर खीरी) ऐसे गए जैसे दो अक्टूबर को राष्ट्रीय अवकाश वाले दिन सुनवाई हो. जबकि अगले दिन अदालत बंद थी और उन्होंने एक अक्टूबर को एक विशाल सार्वजनिक रैली को संबोधित किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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