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लाल तरबूज में छिपा था सफेद मौत का सामान! क्या होता है ‘जिंक फॉस्फाइड’, जिसने उजाड़ा मुंबई का पूरा परिवार

Mumbai zinc phosphide poisoning case: मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत का कारण जिंक फॉस्फाइड निकला है. FSL रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि तरबूज में चूहे मारने का जहरीला पदार्थ मिला था.

Mumbai zinc phosphide poisoning case

Mumbai zinc phosphide poisoning case: मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत का कारण चौंकाने वाला सामने आया है. फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मृतकों के विसरा और घर में मिले तरबूज के नमूने में जिंक फॉस्फाइड (Zinc Phosphide) नामक अत्यंत जहरीला रसायन मौजूद था. यह वही पदार्थ है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहों और छछूंदरों को खत्म करने के लिए किया जाता है.

जांच में जिंक फॉस्फाइड बना मौत का कारण

FSL की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतकों के शरीर से लिए गए सैंपल और घर में मिले तरबूज, दोनों में जिंक फॉस्फाइड के निशान पाए गए हैं. यह रसायन आमतौर पर चूहे मारने की दवा में इस्तेमाल होता है और पाउडर के रूप में मिलता है.

विशेषज्ञों के मुताबिक, जब यह पदार्थ शरीर के अंदर जाता है तो पेट में पहुंचकर जहरीली फॉस्फीन गैस बना देता है. यह गैस तेजी से शरीर के अंदर फैलकर फेफड़ों और दूसरे जरूरी अंगों को नुकसान पहुंचाती है. जांच में यह भी संकेत मिला है कि तरबूज के जरिए ही यह जहरीला पदार्थ शरीर में गया था.

फॉस्फीन गैस कैसे बचा जाएं?

इलाज को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में मरीज को बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है. वजह यह है कि फॉस्फीन गैस बनने के बाद उसे शरीर से बाहर निकालने का कोई सीधा तरीका नहीं होता. अगर जहर का कुछ हिस्सा पेट में रह भी जाए तो उल्टी या अन्य प्रक्रिया से थोड़ा-बहुत ही निकाला जा सकता है.

लेकिन एक बार गैस बन जाने के बाद यह शरीर की सांस लेने की प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित करती है, जिससे हालत तेजी से बिगड़ती जाती है और कई मामलों में जान बचाना संभव नहीं हो पाता.


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FSL रिपोर्ट में हत्या, हादसा या आत्महत्या?

गुरुवार को आई रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि मौत का कारण चूहा मारने की दवा ही थी, हालांकि यह रहस्य अभी बरकरार है कि यह जहर तरबूज में किस तरह पहुंचा. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह किसी साजिश का हिस्सा था, गलती से इसका सेवन हुआ, या फिर परिवार के भीतर ही किसी ने पहले अन्य सदस्यों को जहर देकर बाद में खुद जान दे दी. पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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