बिहार के स्वास्थ्य मंत्री का पद संभालने के बाद निशांत कुमार अब लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं. मंत्रालय संभालने के तुरंत बाद ही उन्होंने कामकाज की रफ्तार तेज कर दी है. आज (शनिवार) को उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की.
बैठक के दौरान निशांत कुमार सीधे स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से मौजूदा हालात की जानकारी ली. उन्होंने साफ कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है. चाहे कोई गरीब हो या अमीर, ग्रामीण क्षेत्र का रहने वाला हो या शहर का, सभी को एक जैसी और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए.
उन्होंने मीडिया से बातचीत में भी अपनी जिम्मेदारी को लेकर गंभीरता जताई. उन्होंने कहा कि जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, उसे वह पूरी ईमानदारी के साथ निभाने की कोशिश करेंगे और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाना उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा.
अस्पतालों में बेहतर सुविधा का दिया निर्देश
बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था को और बेहतर किया जाए. मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और उन्हें समय पर सही इलाज मिले, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया.
इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विभाग में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए.
डिजिटल सिस्टम और पानी की गुणवत्ता पर जोर
निशांत कुमार ने स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि सभी मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड और इलाज से जुड़ी जानकारी को पूरी तरह डिजिटल किया जाए, ताकि भविष्य में इलाज में आसानी हो सके. इसके अलावा, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आयुर्वेद और यूनानी जैसी आयुष चिकित्सा पद्धतियों से इलाज कराने वाले मरीजों का भी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए.
उन्होंने आर्सेनिक, आयरन और दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के साथ मिलकर काम करने को कहा तथा पानी की गुणवत्ता सुधारने को उन्होंने प्राथमिकता में रखने का निर्देश दिया है.
गौरतलब है कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने शुक्रवार को ही स्वास्थ्य मंत्री के रूप में पदभार संभाला था. पद संभालते ही उन्होंने विभाग की समीक्षा बैठक भी की थी, जिसमें 11 अहम बिंदुओं पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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