North Korea Constitution Amendment: अंतरराष्ट्रीय स्तर से एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली खबर सामने आई है. नॉर्थ कोरिया (North Korea) ने अपने संविधान में एक ऐसा अहम और खतरनाक बदलाव किया है, जिसने पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है. इस नए संशोधन के मुताबिक, अगर नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन (Kim Jong Un) किसी विदेशी दुश्मन के हाथों मारे जाते हैं, तो देश की सेना को किसी आदेश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इसके बजाय, दुश्मन देशों पर ‘ऑटोमैटिक न्यूक्लियर जवाबी कार्रवाई’ (Automatic Nuclear Strike) शुरू हो जाएगी.
‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट में खुलासा ( The Telegraph North Korea report)
इस खौफनाक प्रोटोकॉल की जानकारी प्रतिष्ठित ब्रिटिश अख़बार ‘द टेलीग्राफ’ (The Telegraph) की एक विस्तृत रिपोर्ट से सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार, किम जोंग उन ने अपनी सुरक्षा और सत्ता को ‘बुलेटप्रूफ’ बनाने के लिए यह संवैधानिक इंतजाम किया है. यह एक तरह का ‘डेड-मैन स्विच’ (Dead-man’s switch) है. इसका सीधा मतलब यह है कि यदि दुश्मन देश (जैसे अमेरिका या दक्षिण कोरिया) नॉर्थ कोरिया के नेतृत्व (Decapitation strike) को खत्म करने में सफल भी हो जाते हैं, तो वे विनाशकारी परमाणु हमले से नहीं बच पाएंगे.
वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ी चुनौती
नॉर्थ कोरिया के इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी चिंता जताई जा रही है. अब तक दुनिया यह मानती थी कि परमाणु हथियारों का ‘लॉन्च कोड’ सिर्फ लीडर के पास होता है. लेकिन इसे ऑटोमैटिक करने का मतलब है कि एक छोटी सी गलतफहमी या तकनीकी खामी भी सीधे परमाणु युद्ध (Nuclear War) को ट्रिगर कर सकती है. कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सीधे तौर पर वाशिंगटन (अमेरिका) और सियोल (दक्षिण कोरिया) को एक चेतावनी है कि वे किम जोंग उन को सत्ता से हटाने या उनकी हत्या (Assassination) करने के किसी भी ‘सीक्रेट ऑपरेशन’ के बारे में सोचना बंद कर दें.
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डर का ‘ब्रह्मास्त्र’ चला नॉर्थ कोरिया (North Korea Automatic Nuclear Strike)
नॉर्थ कोरिया हमेशा से अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल दुनिया को डराने और अपनी सत्ता बचाने के ‘ब्रह्मास्त्र’ के रूप में करता आया है. लेकिन संविधान में लिखित रूप से ‘ऑटोमैटिक हमले’ का यह प्रावधान वैश्विक सुरक्षा और शांति के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौती बन गया है. अब यह देखना अहम होगा कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र (UN) नॉर्थ कोरिया के इस उकसावे वाले कदम का क्या जवाब देते हैं.
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