Bargi Dam cruise accident Jabalpur: भोपाल/अजय भटनागर: जबलपुर के प्रसिद्ध बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद अब राज्य सरकार ने दोषियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है. मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस दुर्घटना की न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) के लिए औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इस जांच की कमान मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी को सौंपी गई है. सरकार के इस कदम से न केवल इस विशेष हादसे की जवाबदेही तय होगी, बल्कि प्रदेश भर के जल-पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की नई इबारत लिखी जाएगी.
3 महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट (Bargi Dam news today)
राज्य शासन द्वारा नियुक्त यह एकल सदस्य जांच आयोग राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 3 महीने के भीतर अपनी जांच पूरी करेगा. इस सीमित समयावधि का उद्देश्य जल्द से जल्द पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना और सिस्टम की कमियों को दूर करना है. आयोग अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा, जिसके आधार पर आगामी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाइयां सुनिश्चित की जाएंगी.
जांच के 5 ‘हॉट’ पॉइंट्स (jabalpur bargi dam cruise accident judicial inquiry)
- उत्तरदायित्व का निर्धारण: दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों या विभागों की पहचान करना.
- राहत कार्यों की समीक्षा: हादसे के समय किए गए बचाव कार्यों (Rescue Ops) की पर्याप्तता और तत्परता की जांच करना.
- स्टेट-वाइड ऑडिट: प्रदेश भर में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट करना. यह देखा जाएगा कि क्या वे ‘इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021’ और ‘एनडीएमए बोट सेफ्टी गाइडलाइंस 2017’ के मानकों को पूरा करते हैं.
- नया मास्टरप्लान (SOP): भविष्य के लिए पूरे राज्य में क्रूज और नौकाओं के संचालन व रखरखाव हेतु एक समान ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ (SOP) तैयार करना.
- त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT): उन सभी स्थानों पर ‘क्विक रिस्पांस टीम’ के गठन की व्यवस्था सुनिश्चित करना जहां नागरिक जल परिवहन या पर्यटन गतिविधियां संचालित हो रही हैं.
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सुरक्षित जल-पर्यटन की ओर कदम
बरगी बांध का यह हादसा प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी था. अब न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में होने वाली यह जांच केवल एक हादसे की जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह मध्य प्रदेश में सुरक्षित जल-परिवहन और पर्यटन के लिए एक ‘बेंचमार्क’ साबित होगी. सरकार की मंशा साफ है. भविष्य में ‘जीरो जनहानि’ के लक्ष्य के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना और लापरवाह ऑपरेटरों पर नकेल कसना.
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