भारत के लिए आज (19 मई 2026) का दिन वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप दौरे के पहले चरण में नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित होने वाले ‘तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा ले रहे हैं. 43 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली नॉर्वे यात्रा है. इसके तुरंत बाद, वे इसी दिन शाम को सीधे इटली के लिए उड़ान भरेंगे, जो भारत और यूरोप के बीच साझेदारी का एक नया अध्याय लिखेगा.
ओस्लो में 5 देशों के प्रधानमंत्रियों का जमावड़ा
ओस्लो में होने वाले इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को एक बिल्कुल नया और मजबूत आयाम देना है. इस हाई-प्रोफाइल सम्मेलन में भारत के साथ पांच नॉर्डिक देशों— नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्री एक साथ एक मंच पर मौजूद होंगे.
मिनट-टू-मिनट शेड्यूल
दिनभर चलने वाले इस मैराथन कूटनीतिक कार्यक्रम में पीएम मोदी बैक-टू-बैक बैठकें करेंगे.
- 09:30-10:05 बजे: आइसलैंड की पीएम सुश्री क्रिस्ट्रुन फ्रोसाडोटिर के साथ द्विपक्षीय (Bilateral) बैठक.
- 10:15-10:50 बजे: फिनलैंड के पीएम श्री पेटेरी ओर्पो के साथ द्विपक्षीय बैठक.
- 11:00-11:35 बजे: डेनमार्क की पीएम सुश्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक.
- 12:45-14:15 बजे: तीसरा इंडिया-नॉर्डिक समिट (सभी 5 देशों के नेताओं के साथ मुख्य बैठक).
- 14:25-14:50 बजे: नॉर्डिक प्रधानमंत्रियों के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस.
- 16:00 बजे: रोम (इटली) के लिए विशेष विमान से रवानगी.
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जॉर्जिया मेलोनी का न्यौता और इटली दौरा
ओस्लो में नॉर्डिक देशों के साथ साझेदारी मजबूत करने के ठीक बाद, प्रधानमंत्री 19 से 20 मई तक अपने दौरे के अंतिम चरण में इटली जाएंगे. यह यात्रा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के विशेष आमंत्रण पर हो रही है. इस दौरान पीएम मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से भी मुलाकात करेंगे और पीएम मेलोनी के साथ विस्तृत बातचीत करेंगे. हाल ही में हुए ‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते’ (India-EU Free Trade Agreement) के बाद इस यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह दौरा भारत और यूरोप के बीच व्यापार, रक्षा और निवेश की ‘सुपर-पार्टनरशिप’ को एक नई बुलंदी पर ले जाएगा.
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