Lucknow Train Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में छपरा-गोमती नगर एक्सप्रेस के भीतर एक बक्से से बरामद हुए सिरकटे धड़ के हाई-प्रोफाइल मामले का लखनऊ जीआरपी पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. दरअसल यह पूरी वारदात( Lucknow Train Murder Case) ‘ऑनर किलिंग’ यानी झूठी पारिवारिक प्रतिष्ठा के नाम पर की गई बेरहम हत्या का निकला. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस 15 वर्षीय नाबालिग मुस्लिम किशोरी का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका सगा पिता ही है.
बता दें कि आरोपी पिता ने अपनी सनक और गुस्से में आकर न सिर्फ बेटी की जान ली बल्कि साक्ष्य छिपाने के लिए उसके शरीर के कई टुकड़े कर अलग-अलग बैगों में भरकर ट्रेन में लावारिस छोड़ दिया था. पुलिस ने आरोपी पिता को कुशीनगर से हिरासत में ले लिया है.
छपरा-गोमती नगर एक्सप्रेस का वो खौफनाक मंजर
इस दिल दहला देने वाले मामले की शुरुआत तब हुई जब लखनऊ रेलवे स्टेशन पर छपरा-गोमती नगर एक्सप्रेस के एक डिब्बे में यात्रियों को एक लावारिस भारी बक्सा और एक बैग मिला. जब जीआरपी और आरपीएफ की मौजूदगी में बक्से को खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए.
बक्से के भीतर एक युवती का केवल धड़ रखा हुआ था, जबकि पास में मिले दूसरे बैग में उसके हाथ और पैर काटकर ठूंस दिए गए थे. शव का सिर गायब था, जिसके कारण पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की शिनाख्त (पहचान) करने और कातिल तक पहुंचने की थी.
जानें क्या है सनकी पिता की बैकस्टोरी?
पुलिस टीम ने जब तकनीकी सर्विलांस और कुशीनगर इलाके से लापता किशोरियों के रिकॉर्ड को खंगाला, तो कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं. पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपी पिता की दो बड़ी बेटियां पहले ही अपनी मर्जी से घर छोड़कर जा चुकी थीं, जिससे वह समाज में अपनी कथित बदनामी को लेकर बुरी तरह कुंठित और गुस्से में था.
इसी बीच उसे पता चला कि उसकी तीसरी और सबसे छोटी 15 वर्षीय बेटी भी पड़ोस के एक हिंदू युवक से फोन पर बातचीत करती है. दो बेटियों के जाने के बाद तीसरी बेटी का यह कदम उस सनकी पिता से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने खौफनाक साजिश रच डाली.
रूह कँपा देने वाली वारदात(Lucknow Train Murder Case)
नाराज पिता ने घर के भीतर ही अपनी 15 साल की बेटी को अकेले पाकर उस पर जानलेवा हमला कर दिया. उसने धारदार हथियार से बेहद बेरहमी से अपनी ही बेटी का गला रेतकर सिर धड़ से अलग कर दिया. इसके बाद भी जब उसका दिल नहीं भरा, तो उसने शव के हाथ और पैर भी काट डाले. उसने धड़ को एक लोहे के बक्से में बंद किया और हाथ-पैरों को एक ट्रैवल बैग में भरा.
पहचान पूरी तरह मिटाने के लिए उसने बेटी के कटे हुए सिर को कहीं दूर एकांत जगह पर ठिकाने लगा दिया (जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है) और बाकी के हिस्सों को छपरा स्टेशन जाकर ट्रेन में रख आया ताकि लाश लखनऊ पहुंच जाए और वह पकड़ा न जाए.
कड़े कानून के शिकंजे में आरोपी
लखनऊ जीआरपी और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई ने आरोपी पिता के सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया. जीआरपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुशीनगर से आरोपी पिता को दबोच लिया है. पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार और मृतका के सिर की बरामदगी के लिए छापेमारी की जा रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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