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माउंट एवरेस्ट पर गूंजा ‘वंदे मातरम’! अमित शाह ने बीएसएफ की जांबाज बेटियों को किया सैल्यूट

BSF की पहली पूर्ण-महिला माउंटेनियरिंग टीम ने ‘मिशन वंदे मातरम’ के तहत माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया. गृह मंत्री अमित शाह ने महिला जवानों की बहादुरी को भारत की ‘नारी शक्ति’ का प्रतीक बताया

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट से आज एक ऐसी गौरवशाली खबर आई है, जिसने पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है. सीमा सुरक्षा बल (BSF) की पहली पूर्ण-महिला माउंटेनियरिंग टीम ने ‘मिशन वंदे मातरम’ के तहत एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर एक नया इतिहास रच दिया है.

इस अभूतपूर्व और रोंगटे खड़े कर देने वाली कामयाबी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद मोर्चा संभालते हुए देश की इन जांबाज बेटियों को कड़क सैल्यूट किया है. अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा कि इन महिला सीमा प्रहरियों ने दुनिया के सामने भारत की ‘नारी शक्ति’ और बीएसएफ की अजेय ताकत का लोहा मनवाया है.

गृह मंत्री अमित शाह का भावुक संदेश

इस ऐतिहासिक पल के सामने आते ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बेहद दमदार और प्रेरक पोस्ट साझा किया. अमित शाह ने लिखा कि बीएसएफ की सभी महिला माउंटेनियरिंग टीम को मेरी तरफ से हार्दिक बधाई, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर इतिहास रच दिया है.

 

गृह मंत्री ने गर्व जताते हुए कहा कि फोर्स की डायमंड जुबली (हीरक जयंती) मनाते हुए इन जांबाज बेटियों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर फतह हासिल की और वहां ‘वंदे मातरम’ गाया. अमित शाह के मुताबिक, देश की बेटियों ने ऐसा करके पूरी दुनिया के सामने हिम्मत, अटूट देशभक्ति और लगन की एक बेहद अनोखी मिसाल कायम की है, जिस पर हर भारतीय को नाज है.

इन 4 बेटियों ने गाड़ा झंडा

अमित शाह के इस सैल्यूट के पीछे देश की उन 4 महिला कांस्टेबलों का कड़ा संघर्ष है, जिन्होंने हर चुनौती को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. इस ऐतिहासिक अभियान दल में लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की कांस्टेबल मुनमुन घोष, उत्तराखंड की कांस्टेबल रबेका सिंह और कारगिल की सुदूर वादियों से आने वाली कांस्टेबल त्सेरिंग चोरोल शामिल थीं.

इन चारों महिला जांबाजों ने गुरुवार सुबह ठीक 8 बजे 8,848.86 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट की चोटी पर अपने कदम रख दिए. यह असाधारण उपलब्धि महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय गौरव के प्रति भारत सरकार और बीएसएफ की अटूट प्रतिबद्धता का सबसे बड़ा प्रतीक बनकर उभरी है.

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बिना डगमगाए गूंजा ‘वंदे मातरम’ का नारा

इस मिशन की सबसे हैरान और भावुक कर देने वाली बात वह रही, जिसे देखकर खुद गृह मंत्री भी हैरान रह गए. बीएसएफ की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, एवरेस्ट की उस जानलेवा ऊंचाई पर, जहां हवा बेहद पतली हो जाती है, अधिकांश लोगों को भारी ऑक्सीजन सहायता की जरूरत होती है और सीधे खड़े रहना भी मौत को दावत देने जैसा होता है, वहां इन महिला सीमा प्रहरियों ने एक अटूट और बुलंद आवाज में ‘वंदे मातरम’ गाया. देश की बेटियों का यह जज्बा यह दिखाता है कि जब बात राष्ट्र गौरव की हो, तो भारतीय नारी शक्ति के सामने दुनिया का सबसे ऊंचा पहाड़ भी बौना साबित हो जाता है.

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-भारत एक्सप्रेस

 



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