केरल की सियासत से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और हिला देने वाली कूटनीतिक खबर सामने आ रही है. दरअसल मुख्यमंत्री की कुर्सी हाथ से जाते ही पूर्व सीएम पिनाराई विजयन के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं. आज सुबह-सुबह जब पूरा शहर सो रहा था, तभी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भारी-भरकम टीमों ने पूर्व मुख्यमंत्री के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास सहित केरल के 12 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी.
बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग के इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय एजेंसी की इस भयंकर ‘सर्जिकल स्ट्राइक'(Pinarayi Vijayan ED Raid) ने केरल के राजनीतिक गलियारों में भूकंप ला दिया है, और साफ कर दिया है कि सत्ता का कवच हटते ही अब कानून का शिकंजा कस चुका है.
किसने डुबोई पूर्व सीएम की लुटिया?(Pinarayi Vijayan ED Raid)
ईडी की यह ताबड़तोड़ रेड कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) के उस बदनाम घोटाले से जुड़ी है, जिसने विजयन सरकार की चूलें हिला दी थीं. आरोप है कि इस प्राइवेट कंपनी ने साल 2018 से 2019 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री विजयन की बेटी वीणा विजयन की आईटी फर्म ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ को 1.72 करोड़ रुपये का अवैध पेमेंट किया था.
चौंकाने वाली बात यह है कि इस कागजी कंपनी ने CMRL को जमीन पर कोई सर्विस ही नहीं दी थी, फिर भी करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए गए. ईडी ने साल 2024 में ही इस मामले में पीएमएलए (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था, और अब हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलते ही एजेंसी ने पूर्व सीएम और उनकी बेटी को चारों तरफ से घेर लिया है.
हाईकोर्ट से झटका लगते ही एक्शन में आई एजेंसी
यह पूरी कार्रवाई (Pinarayi Vijayan ED Raid) इतनी अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे पूरी कानूनी पटकथा लिखी गई थी. मंगलवार को ही केरल हाईकोर्ट ने इस मामले में ईडी की कार्रवाई को रद्द करने वाली CMRL की याचिका को कचरे के डिब्बे में फेंक दिया था. कोर्ट का आदेश आते ही ईडी के अधिकारी एक्टिव मोड में आ गए.
इसी सियासी घमासान के बीच, विजयन के सुरक्षा घेरे में तैनात उनके गनमैन सहित पांच पुलिसकर्मियों को भी तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है. नई सरकार अब उन सीनियर पुलिस अफसरों के खिलाफ भी शिकंजा कसने की तैयारी में है, जिन्होंने पिछली सरकार के दौरान इस जांच को भटकाने और दबाने की पुरजोर कोशिश की थी.
सीएम की कुर्सी जाते ही विजयन पर टूटा कहर
दरअसल, केरल में सत्ता परिवर्तन होते ही नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कार्यभार संभालते ही इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल एसआईटी (SIT) का गठन किया था. एसआईटी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दिसंबर 2023 में विजयन की ‘नव केरल यात्रा’ के दौरान विरोध कर रहे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर विजयन के इशारे पर पुलिस ने गैर-कानूनी हथियारों और लाठियों से जानलेवा हमला किया था.
कुर्सी गंवाने के बाद अब विधानसभा में नेता विपक्ष की औपचारिकता निभा रहे पिनाराई विजयन के लिए यह दोहरा झटका है, जहां एक तरफ वे राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) और ईडी की जुड़वां टीमें अब उन्हें सलाखों के पीछे भेजने का पूरा बंदोबस्त कर चुकी हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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