Meerut News
Meerut News: मेरठ में पुलिस विवेचनाओं में लापरवाही और उदासीनता को लेकर एसएसपी अविनाश पांडे का सख्त रवैया देखने को मिला. जनसुनवाई के दौरान गुमशुदा युवती की बरामदगी में लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ही इंस्पेक्टर खरखौदा राजपाल सिंह को फटकार लगाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दे दिया. एसएसपी ने साफ शब्दों में कहा, आप तत्काल थाना छोड़ दीजिए, घर जाकर आराम कीजिए.
दरअसल, मेरठ के थाना खरखौदा क्षेत्र के ग्राम चुड़ियाला निवासी कुछ ग्रामीण पुलिस ऑफिस पहुंचे. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 2 मई को घर से एनसीआर मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. परिजनों ने थाना खरखौदा में शिकायत दी, जिसके बाद 8 मई को गुमशुदगी दर्ज की गई. आरोप है कि 25 दिन बीतने के बावजूद पुलिस युवती का कोई सुराग नहीं लगा सकी.

दो बार कॉल करने के बाद भी नहीं दिया जवाब
शिकायत सुनते ही एसएसपी अविनाश पांडे ने ऑनलाइन सुनवाई पोर्टल से इंस्पेक्टर खरखौदा राजपाल सिंह को कॉल किया. दो बार कॉल करने के बावजूद जवाब नहीं मिला. तीसरी बार नाम लेकर कॉल करने पर इंस्पेक्टर ने जवाब दिया. देरी का कारण पूछने पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग बैठे थे, जिस पर एसएसपी और नाराज हो गए.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ही कर दिया सस्पेंड
इसके बाद जब एसएसपी ने गुमशुदा युवती की बरामदगी के बारे में पूछा तो इंस्पेक्टर ने थाने में ऐसी किसी गुमशुदगी के दर्ज होने से ही इनकार कर दिया. यह सुनते ही एसएसपी का पारा चढ़ गया और उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ही इंस्पेक्टर राजपाल सिंह को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए. इसी दौरान एसएसपी ने दो थानेदार अखिलेश मिश्रा और जोगेन्द्र कुमार को भी कार्यप्रणाली सुधारने की चेतावनी दी. वहीं कोतवाली इंस्पेक्टर पंकज कुमार सिंह से भी विभिन्न मामलों की जानकारी ली गई.
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बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले खरखौदा क्षेत्र की एक किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म मामले में भी थाना पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई थी.
-भारत एक्सप्रेस
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