क्या होता है बाइपोलर डिसऑर्डर?
Honey Singh Bipolar Disorder: सिंगर हनी सिंह पिछले 7 सालों से वे बाइपोलर डिसऑर्डर की चपेट में हैं. इस बात का खुलासा खुद हनी सिंह ने किया है. हनी सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया कि बाइपोलर डिसोऑर्डर मानसिक बीमारी है. बाइपोलर डिसऑर्डर के कारण वे 7 साल अपने घर में बंद रहे, उन्हें घर से निकलने में डर लगता था. आज हम आपको बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण के बारे में बताएंगे.
बाइपोलर डिसऑर्डर पीड़ित व्यक्ति जीने की उम्मीद खोने लगता
बाइपोलर डिसआर्डर मानसिक बीमारी होती है. आपको बता दें कि बाइपोलर से ग्रसित व्यक्ति को बहुत ज्यादा मूड स्विंग्स होने लगते हैं. कभी इमोशनल हाई तो कभी एकदम लो फील होता है, व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार भी हो जाता है. बाइपोलर का मतलब ही होता है 2 अलग ध्रुव. बाइपोलर डिसऑर्डर में व्यक्ति जीने की उम्मीद खोने लगता है, वह दुखी रहने लगता है. हर चीज से उसे निगेटिव वाइब्स आती है. व्यक्ति को हर वक्त किसी ना किसी प्रकार का भय सताता रहता है. व्यक्ति के सोचने और समझने की शक्ति पहले जैसी नहीं रहती है. बाइपोलर डिसऑर्डर में कभी बहुत ज्यादा अच्छा महसूस हो सकता है और कभी बहुत ज्यादा बुरा.’
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डिप्रेशन महसूस होने पर दोस्तों और परिवार से करें बात
बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज कुछ महीनों में संभव नहीं है. कई बार तो यह बीमारी व्यक्ति के जीवन के तमाम साल बरबाद कर देती है. बाइपोलर डिसऑर्डर को सही ट्रीटमेंट और गाइडेंस से मैनेज किया जा सकता है. बाइपोलर डिसऑर्डर को टॉक थैरेपी से जल्दी सही किया जाता है. डिप्रेशन में दोस्तों और परिवार से खुलकर बात करें यह भी किसी थेरैपी से कम नहीं है. मशहूर सिंगर हनी सिंह भी बाइपोलर डिसऑर्डर के शिकार हो चुके हैं. हनी सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने कई सालों तक खुद को कमरे में बंद करके रखा हुआ था. यहां तक कि वह अपनी बहन की शादी में भी नहीं गए थे.
भारत एक्सप्रेस
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