Surya Chauhan murder Ghaziabad: गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र (नवनीत विहार) में हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस और जिला प्रशासन फुल एक्शन मोड में आ गया है. हत्या के मुख्य आरोपी असद को पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में ढेर करने के बाद, अब पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ पूरे जिले के अपराधियों के लिए काल बन गया है. हालात ये हैं कि कल तक जो बदमाश कॉलर टाइट करके घूमते थे, वो आज थानों में ‘हमें माफ कर दो’ की तख्तियां लेकर अपनी जान की भीख मांग रहे हैं.
‘बुलडोजर’ का काउंटडाउन (Bulldozer action On Surya Chauhan murder Ghaziabad)
सूर्या हत्याकांड के बाद परिजनों और पड़ोसियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है. उनकी स्पष्ट मांग है कि सिर्फ एक एनकाउंटर से इंसाफ नहीं मिलेगा, बल्कि सभी आरोपियों को ठोका जाए और उनके घरों को जमींदोज किया जाए.
इसी कड़ी में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी असद (जिसका पिता नवाब जेल में है और मां फरार है) के मकान पर 15 दिन का नोटिस चस्पा कर दिया है. प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लगते ही हिंदूवादी संगठन और आक्रोशित लोग मौके पर पहुंचे और मकान के मुख्य गेट को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. अब पूरे इलाके में 15 दिन बाद होने वाले ‘बुलडोजर एक्शन’ की चर्चा जोरों पर है.
खोड़ा में ताबड़तोड़ दबिश (Surya Chauhan murder Afert Effect)
सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा इलाके में हिस्ट्रीशीटरों और असामाजिक तत्वों की शामत आ गई है. पुलिस की टीमें लगातार तीन दिनों से अपराधियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं. संदिग्ध लोगों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है. छतों और तंग गलियों में निगरानी के लिए आसमान में ड्रोन कैमरे उड़ रहे हैं और जमीन पर स्निफर डॉग्स चप्पे-चप्पे को सूंघ रहे हैं. पुलिस का सीधा संदेश है- “अपराध किया तो बचोगे नहीं.”
साहिबाबाद में अपराधियों का ‘माफीनामा’ (Surya Chauhan murder Case Update)
पुलिस का यह खौफ सिर्फ खोड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि साहिबाबाद थाना क्षेत्र में भी इसका भयंकर असर दिखा है. यहां ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत लगभग 150 ऐसे अपराधियों को थाने बुलाया गया, जो पहले जेल जा चुके हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है. नजारा हैरान करने वाला था. ये खूंखार अपराधी अपने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर खड़े थे, जिन पर लिखा था: “हमें माफ करो, हम कभी क्राइम नहीं करेंगे.
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डीसीपी (DCP) धवल जायसवाल ने खुद इन अपराधियों से कड़ी पूछताछ की और स्पष्ट हिदायत दी कि अगर भविष्य में किसी भी क्राइम में नाम आया, तो ऐसा अंजाम होगा जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी. गाजियाबाद पुलिस का यह आक्रामक रुख साफ बता रहा है कि अब अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं बची है.
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