उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को उनका प्राचीन गौरव वापस लौटाने के अभियान के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और बड़ा फैसला ले लिया है. इलाहाबाद को प्रयागराज और फैजाबाद को अयोध्या बनाने के बाद, अब यूपी सरकार ने कुशीनगर जिले के प्रसिद्ध ‘फाजिलनगर’ (Fazilnagar) इलाके का नाम हमेशा के लिए बदल दिया है.
खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक भव्य सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच से दहाड़ते हुए इसका आधिकारिक ऐलान किया. सीएम योगी ने साफ किया कि अब से फाजिलनगर को नए और ऐतिहासिक नाम ‘पावागढ़’ (Pawagarh) के नाम से जाना और पुकारा जाएगा.jhkhkj
सीएम योगी ने मंच से किया ऐलान(Fazilnagar’s New Name: Pava Nagari)
2 जून 2026 की दोपहर को आए इस अचानक और बड़े फैसले ने उत्तर प्रदेश की सियासत और आम जनता के बीच भारी हलचल पैदा कर दी है. कुशीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती संतों, महापुरुषों और हमारी सनातन संस्कृति की गवाह रही है.
गुलामी के कालखंड में जिन नामों को जबरन बदला गया था या विकृत किया गया था, उन्हें सुधारना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. इसी कड़ी में अब फाजिलनगर का नाम बदलकर ‘पावागढ़’ करने का शासकीय निर्णय लिया गया है.
क्या है ‘पावागढ़’ का पौराणिक और ऐतिहासिक सच?
इतिहासकारों और पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, कुशीनगर का यह इलाका बेहद पवित्र माना जाता है. इसे जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की निर्वाण स्थली ‘पावापुरी’ या ‘पावा’ के रूप में भी देखा जाता रहा है. स्थानीय लोगों और संस्कृति विशेषज्ञों की लंबे समय से मांग थी कि इस जगह का नाम इसके वास्तविक और गौरवशाली अतीत के आधार पर रखा जाए. सीएम योगी द्वारा इसे ‘पावागढ़’ नाम दिए जाने के बाद से ही क्षेत्र के संतों, जैन समुदाय और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है और लोग इसे एक ऐतिहासिक भूल का सुधार मान रहे हैं.
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विपक्षियों के पेट में उठेगा दर्द या जनता का मिलेगा साथ?
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सीएम योगी का यह कदम उनके ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ और कोर एजेंडे को और ज्यादा मजबूत करेगा. जहां एक तरफ विपक्ष इस फैसले को लेकर सरकार पर ‘मुद्दों से ध्यान भटकाने’ का आरोप लगा सकता है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान को वापस पाने की लड़ाई बता रही है.
बहरहाल, सीएम योगी ने अपने तेवरों से साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की पहचान से खिलवाड़ करने वाले प्रतीकों को बदलने का यह सिलसिला आगे भी इसी रफ्तार से जारी रहेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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