E85 Fuel Launch
E85 Fuel Launch: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक इंडियन ऑयल फ्यूल स्टेशन पर E85 ईंधन का शुभारंभ किया. इस मौके पर उन्होंने इसे भारत के हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.
E85 एक मिश्रित ईंधन है, जिसमें 80 से 85 प्रतिशत एथेनॉल और 14 से 19 प्रतिशत पेट्रोल शामिल होता है. यह ईंधन विशेष रूप से फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए विकसित किया गया है, जो उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर चलने में सक्षम होते हैं.
सरकार का मानना है कि E85 जैसे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने से जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी, कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में देश के प्रयासों को मजबूती मिलेगी.
भारत की उपज
भारत की प्रगति!विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के स्वच्छ, हरित एवं ऊर्जा सुरक्षित भारत की विज़न से प्रेरणा लेकर आज दिल्ली में फ्लैक्स फ्यूल पर चलने वाले वाहनों के लिए दिल्ली के पेट्रोल पंप पर E85 ईंधन का ऐतिहासिक उद्घाटन… pic.twitter.com/ILJvASSYSg
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) June 5, 2026
किसानों की अतिरिक्त आय का बनेगा साधन
इस पर केंद्रीय मंत्री पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा,
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ, हरित एवं ऊर्जा सुरक्षित भारत की विजन से प्रेरणा लेकर आज दिल्ली में फ्लैक्स फ्यूल पर चलने वाले वाहनों के लिए दिल्ली के पेट्रोल पंप पर ई85 ईंधन का ऐतिहासिक उद्घाटन किया.
उन्होंने आगे कहा कि ये ना केवल भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि किसानों की अतिरिक्त आय का साधन भी है. इस पहल से हमारे ऊर्जादाताओं के जीवन में खुशहाली और उन्नति बनी रहेगी.
ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में आएगी भारी कमी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए 100 प्रतिशत आत्मनिर्भर ई85 ईंधन एक मील का पत्थर है, जो पेट्रोल की तुलना में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में 61 प्रतिशत तक की कमी सुनिश्चित करेगा और यह काफी सस्ता भी होगा.
नई दिल्ली में ई85 ईंधन का दाम 82.12 रुपए प्रति लीटर निर्धारित किया गया है, जबकि मौजूदा सामान्य पेट्रोल का दाम 102.12 रुपए प्रति लीटर है, जो इसे 20 रुपए प्रति लीटर सस्ता बनाता है.
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उन्होंने आगे कहा कि वाहनों को इस ग्रीन फ्यूल के अनुकूल बनाने वाली तकनीकें भी काफी हद तक स्वदेशी हैं. ऐसे ईंधनों और तकनीकों का विकास भारत के ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को गति प्रदान करेगा, ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में भारत के प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान देगा और हमारे ऊर्जा आयात बिलों को कम करेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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