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दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला: हर्ष फायरिंग मामले में बिहार के भाजपा विधायक राजू सिंह दोषी करार, हिरासत में लेने का आदेश

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 2018 के हर्ष फायरिंग मामले में बिहार के साहिबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया है. कोर्ट ने उन्हें हिरासत में लेने का निर्देश दिया है, जबकि उनकी पत्नी बरी हो गई हैं.

Rouse Avenue Court

Rouse Avenue Court

बिहार के साहिबगंज से बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने दोषी करार दिया है. कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है. 9 जून को राजू कुमार सिंह की सजा पर बहस होगी. साथ ही कोर्ट ने उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दिया है.

पत्नी समेत तीन लोग सभी आरोपों से बरी

वहीं कोर्ट ने उनकी पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर इन तीनों को दोषमुक्त करते हुए राहत प्रदान की है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि नए साल की पार्टी में भीड़ भरे माहौल में आरोपी राजू सिंह द्वारा अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चलाना दर्शाता है कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि ऐसा करने से किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है. इस कृत्य को कोर्ट ने लापरवाही भरा माना है.

2018 की न्यू ईयर पार्टी में हुई हर्ष फायरिंग का मामला

यह मामला 31 दिसंबर 2018 को आयोजित एक पार्टी में हुई हर्ष फायरिंग में डॉक्टर अर्चना गुप्ता की मौत से संबंधित है. उस दौरान विधायक दिल्ली के वसंत कुंज स्थित अपने फार्महाउस में नए साल का जश्न मना रहे थे. दिल्ली पुलिस ने उस समय राजू सिंह और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया था. 2023 में कोर्ट ने राजू सिंह, उनकी पत्नी रेनू सिंह और अन्य दो आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे.

मंत्री रह चुके हैं राजू सिंह, ऐसा रहा है राजनीतिक सफर

9.15 करोड़ रुपए खुद की सालाना आय बताने वाले भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह 26 फरवरी 2025 में बिहार सरकार में मंत्री भी बने थे. इनका परिवार दवाओं के कारोबार से जुड़ा हुआ है. इनके पिता आनंदपुरा खरौनी पंचायत के कई बार मुखिया रह चुके हैं, जबकि खुद राजू सिंह चार बार अलग-अलग पार्टियों से विधायक चुने जा चुके हैं. उनकी पत्नी रेणु सिंह भी पूर्वी चंपारण से एमएलसी रही हैं.

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राजू सिंह 2005 में अविभाजित लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के टिकट पर चुनाव जीते थे. इसके बाद वह जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के टिकट पर जीते और 2015 में जेडीयू छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए. इसके बाद वह वीआईपी में भी शामिल हुए और फिर बीजेपी में लौट आए. राजू कुमार सिंह नीतीश मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं.



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