Modi Sisi Meeting G7 Summit 2026: फ्रांस के इवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit 2026) के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की कूटनीतिक धमक रुकने का नाम नहीं ले रही है. ब्रिटेन, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिस्र (Egypt) के राष्ट्रपति अब्देल फताह अल-सिसी के साथ एक बेहद उच्च स्तरीय और रणनीतिक द्विपक्षीय बैठक की है.
17 जून 2026 को हुई इस महा-मुलाकात में दोनों देशों ने अपनी सदियों पुरानी ऐतिहासिक दोस्ती को एक नए डिजिटल और व्यापारिक युग में ले जाने का संकल्प लिया है. इस बैठक को वैश्विक कूटनीति के लिहाज से चीन और पाकिस्तान जैसे विरोधियों के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.
मुलाकात के बाद क्या बोले पीएम मोदी?
इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर इस रणनीतिक बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “इवियन G7 शिखर सम्मेलन के साइडलाइन पर मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फताह अल-सिसी से बेहद फलदायी मुलाकात की. भारत मिस्र के साथ अपनी लंबे समय से चली आ रही ऐतिहासिक मित्रता को बहुत ज्यादा महत्व देता है. बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार (Trade), ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security), हाई-एंड टेक्नोलॉजी और रक्षा (Defense) के क्षेत्र में मिलकर काम करने और अपनी रणनीतिक साझेदारी को एक नए रॉकेट जैसी रफ्तार देने की कसम खाई.
प्राचीन सभ्यताओं का मिलन
राजनयिक विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और मिस्र के संबंध केवल आज के नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों का जुड़ाव प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं के दौर से रहा है. आधुनिक इतिहास में भी, आजादी के बाद दोनों देश दुनिया भर में गैर-संरेखित आंदोलन (NAM – Non-Aligned Movement) के सबसे प्रमुख और मजबूत स्तंभ रहे हैं. वर्तमान समय में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आतंकवाद विरोधी रणनीतिक सहयोग निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है.
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‘ग्लोबल साउथ’ का मसीहा बना भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस द्विपक्षीय बैठक को भारत की प्रसिद्ध ‘विश्व मित्र’ नीति का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है. इस नीति के तहत भारत वैश्विक मंचों पर विकासशील और पिछड़े देशों (Global South) की आवाज बनकर उभर रहा है.
G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की विकासशील देशों के नेताओं के साथ हो रही ये ताबड़तोड़ बैठकें बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने और पूरी दुनिया के सामने ‘ग्लोबल साउथ’ के आर्थिक व रणनीतिक हितों को मजबूती से रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रही हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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