West Bengal missing trawler
West Bengal missing trawler: पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के दीघा स्थित शंकरपुर बंदरगाह से 2 जुलाई को मछली पकड़ने के लिए रवाना हुई ‘मां काली’ नामक ट्रॉलर सात दिनों तक रहस्यमय तरीके से लापता रही. ट्रॉलर से संपर्क टूटने के बाद परिजनों और मछुआरों में चिंता का माहौल था. लगातार तलाश के बाद रविवार को दक्षिण 24 परगना जिले के बकखाली तट से करीब 35 किलोमीटर दूर चुलकाठी जंगल के पास बाघेरचर इलाके में ट्रॉलर उलटी हुई अवस्था में बरामद हुई.
संयुक्त अभियान में मिली बड़ी सफलता
ट्रॉलर के लापता होने के बाद पुलिस, भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड), नौसेना, वन विभाग और मछुआरा संगठनों ने संयुक्त रूप से व्यापक खोज अभियान शुरू किया था. शनिवार से अभियान को और तेज कर दिया गया. सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में रामगंगा रेंज के रेंजर कबीर हुसैन, वन विभाग, सुंदरबन पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार समुद्री क्षेत्र में तलाश कर रही थीं.
तलाशी में मिले 5 मछुआरों के शव
रविवार शाम बरामद ट्रॉलर को पाथरप्रतिमा के गोवर्धनपुर स्थित सीतारामपुर घाट लाया गया. इसके बाद जब ट्रॉलर की तलाशी ली गई तो एक-एक कर पांच मछुआरों के शव बरामद किए गए. अधिकारियों के मुताबिक, एक शव ट्रॉलर के इंजन में फंसा हुआ मिला, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है. शवों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है.
10 मछुआरे अब भी लापता, बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
प्रशासन के अनुसार, अभी भी कम से कम 10 मछुआरे लापता हैं. आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग ट्रॉलर के अंदर फंसे हो सकते हैं. इसी वजह से ट्रॉलर में भरा पानी निकाला जा रहा है, ताकि अंदर की पूरी तरह तलाशी ली जा सके. अधिकारियों का कहना है कि पानी पूरी तरह निकलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि ट्रॉलर के भीतर और कितने लोग मौजूद हैं.
जारी है राहत और बचाव अभियान
प्रशासन ने फिलहाल पूरे इलाके में राहत और खोज अभियान जारी रखा है. कोस्ट गार्ड, पुलिस, वन विभाग और स्थानीय मछुआरे लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं. अधिकारियों का कहना है कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लापता मछुआरों का पता नहीं चल जाता. प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिलाया है.
भारत एक्सप्रेस
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