CJP Spokesperson JP Nadda Meeting: नीट पेपर लीक के नाम पर राजधानी की सड़कों पर हंगामा खड़ा कर रहा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का आंदोलन आज एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. एक तरफ जहां संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन CJP के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा तोड़कर उपद्रव करने और माहौल बिगाड़ने की पूरी कोशिश की.
वहीं दूसरी तरफ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिशों के बीच सरकार के साथ सीधे संवाद का रास्ता भी साफ हो गया है. बता दें कि शुरुआती स्तर पर बड़े-बड़े दावे और शर्ते रखने वाली कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि अब आखिरकार बातचीत की मेज पर आने को राजी हो गए हैं और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने पहुंचे हैं.
बड़े अधिकारियों की वार्ता से किया था किनारा(NEET Protest JP Nadda Meeting)
28 जून से जंतर-मंतर पर जमावड़ा लगाकर बैठी कॉकरोच जनता पार्टी को सरकार की तरफ से पहले भी कई बार शांतिपूर्ण संवाद का प्रस्ताव दिया गया था. शुरुआती चरण में दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा सरकार की तरफ से बातचीत की मध्यस्थता कर रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को पहले जिला मजिस्ट्रेट (DM), केंद्रीय सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों और फिर राज्य मंत्री स्तर पर बातचीत का सीधा विकल्प दिया गया था, लेकिन अपनी हठधर्मिता पर अड़े CJP के नेताओं ने इसे ठुकरा दिया था.
हालांकि, बाद में शीर्ष स्तर से संवाद के संकेत मिलते ही CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ट्वीट कर तुरंत पुष्टि करते दिखे कि वे केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं.
#IMPORTANT: It’s 11:52 AM. Ashutosh Ranka and I, on behalf of the Cockroach Janta Party, are on our way to meet J.P. Nadda. The government had reached out for talks in the morning. Our demands are clear. The youth has gathered in huge numbers.
We shall win!
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
जंतर-मंतर पर बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश
एक तरफ जहां CJP का प्रतिनिधिमंडल नड्डा के पास (CJP Spokesperson JP Nadda Meeting) अपनी मांगें लेकर पहुंचा, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की सड़कों पर उनके कार्यकर्ताओं ने जबरन माहौल गरमाने का प्रयास किया. संसद के मॉनसून सत्र को प्रभावित करने के मकसद से सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मंडी हाउस और जंतर-मंतर के आसपास लगाए गए सरकारी बैरिकेड्स को लांघने और प्रतिबंधित इलाकों में घुसने की कोशिश की.
दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने बिना किसी ढील के संयम और कड़ाई से स्थिति को संभाला और उग्र हो रहे प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर इलाके में शांति बहाल की. इस पूरे ड्रामे के दौरान बैरिकेड्स से टकराने के कारण कुछ पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों को हल्की चोटें भी आईं.
शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश
सरकार की ओर से हमेशा से यह स्पष्ट रुख रहा है कि युवाओं और छात्रों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत का रास्ता हमेशा खुला है, बशर्ते कानून-व्यवस्था को हाथ में न लिया जाए. जहां एक तरफ CJP प्रवक्ता सोशल मीडिया पर बड़ी-बड़ी बातें लिखकर इसे अपनी जीत बताने की होड़ में लगे हैं, वहीं बीजेपी या सरकार की ओर से इस बैठक को बेहद सामान्य और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है.
अब देखना यह होगा कि सड़कों पर हंगामा मचाने के बाद जेपी नड्डा के दरवाजे पहुंची CJP (CJP Spokesperson JP Nadda Meeting) बातचीत की इस टेबल पर कोई ठोस और सकारात्मक रुख अपनाती है या फिर आंदोलन के नाम पर राजनीति का यह दौर आगे भी जारी रहता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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