राऊज एवेन्यु कोर्ट नीट-यूजी पेपर लीक मामले में आरोपी डॉक्टर मनोज भगवानराव शिरूरे और शिवराज मोटेगांवकर की ओर से दायर जमानत याचिका पर 24 जुलाई को फैसला सुनाएगा. सीबीआई के स्पेशल जज की अदालत ने पिछले दिनों दोनों पक्षो की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.
शिरूरे की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि शिरूरे का अपराध साधारण नही है, बल्कि देश के खिलाफ अपराध है, जिसने लाखों छात्रों को प्रभावित किया है. इतना ही नही देश की साख पर भी इसका असर देखने को मिला है.
शिवराज मोटेगांवकर पर उठा सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे देशभर के छात्रों को भारी परेशानी हुई. सीबीआई के अनुसार इससे सरकार को 600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उन्होंने यह भी बताया कि पेपर लीक के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली है. सीबीआई का दावा है कि यह पूरा मामला सुनियोजित साजिश का हिस्सा था और इसमें कई लोग शामिल थे. इतना ही नहीं लातूर में रेणुकाई केमेस्ट्री क्लासेज चलाने वाले शिवराज मोटेगांवकर ने अपने बेटे को कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में दाखिला दिलवाया था, जहां से उन्हें लीक किया गया प्रश्नपत्र मिला.
जांच एजेंसी का आरोप है कि मोटेगांवकर को ये सवाल पी. वी. कुलकर्णी से मिले थे. जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के उस पैनल का हिस्सा थे जिसने नीट-यूजी 2026 का प्रश्नपत्र तैयार किया था. सीबीआई ने शिवराज मोटेगांवकर की ओर से दायर जमानत याचिका पर कोर्ट द्वारा दाखिल जवाब में यह चौकाने वाला खुलासा किया है. सीबीआई ने अपने जवाब में बताया कि आरोपी ने कुलकर्णी की क्लास में मिले सवालों के आधार पर हाथ से नोट्स भी तैयार किए थे. सीबीआई ने उसके मोबाइल फोन की जांच में 36 तस्वीरें बरामद की, जिनमें केमिस्ट्री के कुल 132 हाथ से लिखे सवाल पाए गए.
पेपर लीक के लिए दी गई रिश्वत बरामद
सीबीआई का दावा है कि इनमें से 111 सवाल एनटीए द्वारा तैयार किए गए नीट-यूजी 2026 के मास्टर क्वेशन सेट से मेल खाते है. एजेंसी का कहना है कि ये नोट्स कथित तौर पर कुलकर्णी की केमेस्ट्री क्लास में दिए गए सवालों के आधार पर तैयार किए गए थे. मोबाइल के डेटा विश्लेषण से पता चला कि ये तस्वीरें 3 मई को होने वाली परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले ही खींच ली गई थी.
एजेंसी ने कोर्ट को यह भी बताया कि आरोपी के मोबाइल से बरामद नोट खुद शिवराज मोटेगांवकर की हैंडराइटिंग में हैं. वहीं लीक प्रश्नों को खरीदने के लिए दी गई 5 लाख की रिश्वत की रकम को सीबीआई ने एक अन्य आरोपी मनोज भगवानराव शिरूरे के ठिकाने से बरामद कर लिया है. इस मामले में 13 लोगो को गिरफ्तार किया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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