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‘जो पिंड में है, वही ब्रह्मांड में..’, पीएम मोदी ने शेयर किया उपनिषद का श्लोक, क्या है मतलब?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सुभाषितम्’ श्रृंखला के तहत उपनिषद का एक प्राचीन श्लोक साझा कर आत्मा और ब्रह्मांड की एकता का संदेश दिया. वीडियो के माध्यम से श्लोक का अर्थ हिंदी और अंग्रेजी में समझाते हुए भारतीय दर्शन की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया.

PM Modi

PM Modi Upanishad Shloka Post: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 23 जुलाई को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर उपनिषद का एक प्राचीन और बेहद गहन श्लोक साझा किया है. ‘सुभाषितम्’ श्रृंखला के तहत शेयर किए गए इस श्लोक के जरिए प्रधानमंत्री ने ब्रह्मांड और मानव आत्मा की अद्वितीय एकता का गहरा दर्शन दुनिया के सामने रखा है.

बता दें भारतीय दर्शन की अमूल्य निधि को जन-जन तक पहुंचाने की अपनी इस नियमित पहल में पीएम मोदी ने एक बेहद खूबसूरत और आकर्षक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें अंतरिक्षीय दृश्यों, भव्य पर्वतों और कमल के फूलों के माध्यम से इस श्लोक का अर्थ हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बेहद सहजता से समझाया गया है.

पीएम ने शेयर किया उपनिषद का वो श्लोक(PM Modi Upanishad Shloka Post)

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा साझा किया गया श्लोक-“यश्चायमस्मिन्नाकाशे तेजोमयोऽमृतमयः पुरुषः सर्वानुभूः. यश्चायमस्मिन्नात्मनि तेजोमयोऽमृतमयः पुरुषः सर्वानुभूः॥”—सनातन संस्कृति के मूल तत्व को उजागर करता है. इस श्लोक का सार यह है कि इस अनंत और विस्तृत आकाश में जो तेजोमय और अमर सत्य विद्यमान है, वही परम चेतना हमारी अपनी आत्मा में भी विराजमान है.

दूसरे शब्दों में कहें तो भारतीय दर्शन का अमर वाक्य “जो पिंड में है, वही ब्रह्मांड में है” इसी सार्वभौमिक सत्य को रेखांकित करता है कि मनुष्य का अस्तित्व पूरे ब्रह्मांड से अलग नहीं, बल्कि उसी का एक दिव्य अंश है.

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‘बदलते समय में आंतरिक शक्ति देता है सुभाषितम्’

अपनी इस आध्यात्मिक पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर आधुनिक भारत को उसकी समृद्ध सनातन जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राचीन ग्रंथों के ऐसे शुभाशीष और श्लोक हमें आंतरिक शक्ति, मानसिक शांति और व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं. आज के तीव्र परिवर्तनशील और भागदौड़ भरे समय में यह आध्यात्मिक दर्शन विशेष रूप से प्रासंगिक हो जाता है.

पीएम मोदी की यह ‘सुभाषितम्’ श्रृंखला(PM Modi Upanishad Shloka Post) न केवल देशवासियों को अपनी विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा दे रही है बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारतीय दर्शन की गहरी पहचान बना रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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