पेपर लीक विवाद और देश भर में जारी छात्रों के भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. शिक्षा मंत्रालय आज रात नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और व्यापक सुधारों को लेकर बड़ा आधिकारिक ऐलान करने वाला है.
माना जा रहा है कि सरकार की ओर से NTA के ढांचे को दुरुस्त करने, ऑनलाइन परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने और भविष्य की परीक्षाओं के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू करने से जुड़ी घोषणाएं की जा सकती हैं.
सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बैठक
इससे पहले दोपहर 2:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच लगभग दो घंटे तक चली अहम बैठक समाप्त हुई. इस बातचीत में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि CJP की ओर से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने मोर्चा संभाला.
बैठक के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष ने कहा, “हम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं करेंगे. हालांकि, सरकार ने प्रभावित छात्रों को उचित मुआवजा देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए केस वापस लेने पर अपनी सहमति जताई है.” वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि CJP ने 3 प्रमुख मांगें और परीक्षा सुधारों के लिए 5 अहम सुझाव रखे हैं, जिस पर विचार करने के लिए सरकार ने शनिवार तक का समय मांगा है.
अब तक आज के 4 सबसे बड़े अपडेट्स:
कल फिर होगी वार्ता, दोबारा प्रदर्शन की चेतावनी: सरकार ने CJP प्रवक्ताओं को शनिवार दोपहर 3:30 बजे दोबारा बैठक के लिए बुलाया है. CJP ने स्पष्ट किया है कि अगर अगले 2-3 दिनों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ, तो वे 20 जुलाई जैसा बड़ा विरोध-मार्च फिर से निकालेंगे.
सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट: सुप्रीम कोर्ट ने पेपर लीक मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से अब तक हुई जांच और NTA में किए गए सुधारों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
सुरक्षा के मद्देनजर 18 मेट्रो स्टेशन बंद: दिल्ली में कानून-व्यवस्था और संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए DMRC ने एहतियाती कदम उठाते हुए नई दिल्ली समेत 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला किया है.
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामले की त्वरित सुनवाई और दोषियों को सजा दिलाने के लिए नागपुर और औरंगाबाद में दो विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं.
कड़े कानून लाएंगे, सिस्टम को दुरुस्त करेंगे
गौरतलब है कि इससे पहले मोदी कैबिनेट ने पेपर लीक रोधी कड़े विधेयक को मंजूरी दी थी, जिसमें दोषियों के लिए 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ तक के भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया गया है. कड़े कानून के बाद अब सबकी निगाहें आज रात शिक्षा मंत्रालय द्वारा किए जाने वाले NTA सुधारों के ऐलान पर टिकी हुई हैं.
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