India Electronics Production 2026: भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर इस समय ऐतिहासिक छलांग लगा रहा है. मोदी सरकार ने संसद में जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बढ़कर 13.11 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 15.8 प्रतिशत ज्यादा है.
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि बीते 12 सालों में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 11 गुना बढ़कर 4 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है.
देश में बने रहे 99% से ज्यादा मोबाइल
एक दौर था जब 2014 में भारत मोबाइल फोन का शुद्ध आयातक (इंपोर्टर) था, लेकिन आज कहानी पूरी तरह बदल चुकी है. आज देश में इस्तेमाल होने वाले 99.2% मोबाइल फोन भारत में ही बन रहे हैं. इतना ही नहीं, भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन गया है.
स्मार्टफोन, जो कभी टॉप-100 निर्यात सूची में भी नहीं थे, आज पेट्रोलियम और रत्नों को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा एकल निर्यात उत्पाद बन गए हैं.
महिलाओं का बड़ा योगदान
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर आज देश में रोजगार का मजबूत जरिया बन चुका है. अकेले मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम ने करीब 12 लाख लोगों को काम दिया है, जबकि पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से 25 लाख लोगों को आजीविका मिल रही है.
खास बात यह है कि मोबाइल असेंबलिंग के हाई-प्रिसीजन सेग्मेंट्स में करीब 70 फीसदी कार्यबल महिलाओं का है, जो महिला सशक्तीकरण की एक नई तस्वीर पेश कर रहा है.
PLI स्कीम से आया भारी निवेश
सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना ने विदेशी और घरेलू निवेश को तेजी से आकर्षित किया है. मोबाइल पीएलआई के तहत अब तक 96,000 करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है. वहीं, आईटी हार्डवेयर के लिए शुरू की गई पीएलआई 2.0 और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के जरिए देश को ग्लोबल सप्लाई चेन का बड़ा हब बनाने की तैयारी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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