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CWG 2026 में कुश्ती, हॉकी और बैडमिंटन आउट! क्या 2002 के बाद पहली बार टॉप-5 से फिसल जाएगा भारत?

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कई प्रमुख मेडल दिलाने वाले खेल शामिल नहीं हैं, जिससे मेडल टैली में टीम इंडिया पिछड़ती दिख रही है. अब वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और पैरा स्पोर्ट्स पर भारत की टॉप-5 में वापसी की सबसे बड़ी उम्मीद टिकी है.

CWG 2026 India Medal Crisis: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) का रोमांच चरम पर है, लेकिन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए इस बार का रिपोर्ट कार्ड थोड़ा चिंताजनक नजर आ रहा है. ज्ञात रहे ग्लासगो में भारत ने अब तक कुल 15 पदक जीत लिए हैं, जिनमें 3 स्वर्ण (Gold), 9 रजत (Silver) और 3 कांस्य (Bronze) शामिल हैं.

लेकिन अगर हम मैनचेस्टर 2002 से लेकर बर्मिंघम 2022 तक पिछले 4-5 राष्ट्रमंडल खेलों को देखें तो लगातार टॉप-5 में दबदबा बनाने वाला भारत इस बार मेडल टैली में पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है. आलम यह है कि फिलहाल मेडल लिस्ट में भारत आठवें-नौवें पायदान पर झूल रहा है. इसको लेकर खेल दिग्गजों के बीच यह कयास तेज हो गए हैं कि क्या भारत 24 साल बाद पहली बार टॉप-5 की रेस से बाहर हो जाएगा?

क्यों लग रहे हैं टॉप-5 से बाहर होने के कयास?(CWG 2026 India Medal Crisis)

1. 50% कंफर्म मेडल पहले ही ‘आउट’:

बताते चलें भारत के टॉप-5 से फिसलने की सबसे बड़ी वजह आयोजकों द्वारा भारत के मुख्य ‘पावरहाउस’ खेलों का पत्ता काटना है. कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी, निशानेबाजी और तीरंदाजी जैसे वो खेल, जिनसे भारत की झोली में 50% से अधिक कंफर्म मेडल्स आते थे, वे इस बार ग्लासगो CWG के रोस्टर में शामिल ही नहीं हैं. बर्मिंघम 2022 में भारत ने 61 में से अकेले कुश्ती, बैडमिंटन और टेबल टेनिस में 24 मेडल जीते थे, जिनका सूखा इस बार सीधे मेडल टैली पर दिख रहा है.

2. केवल 10 खेलों में सिमटा टूर्नामेंट:

बजट और संसाधनों की कमी का हवाला देकर ग्लासगो 2026 को अब तक का सबसे छोटा और कॉम्पैक्ट कॉमनवेल्थ गेम्स बनाया गया है. पूरा टूर्नामेंट महज 10 खेलों में समेट दिया गया है. खेलों का दायरा सीमित होने के कारण भारतीय एथलीटों के पास दांव पर लगाने के लिए कम इवेंट्स बचे हैं, जिसका सीधा फायदा उन देशों को मिल रहा है जो एथलेटिक्स और स्विमिंग जैसे पारंपरिक कोर खेलों में मजबूत हैं.

3. नाइजीरिया, साउथ अफ्रीका और मलेशिया से कड़ी टक्कर:

ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा जैसी महाशक्तियों के अलावा इस बार मेडल टैली में नाइजीरिया, साउथ अफ्रीका, मलेशिया और स्कॉटलैंड से भारत को जबर्दस्त और कांटे की टक्कर मिल रही है. नाइजीरिया और साउथ अफ्रीका एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग में अप्रत्याशित गोल्ड मेडल जीतकर भारत को लगातार नीचे ढकेल रहे हैं, जिससे भारत अभी भी 15 पदक जीतने के बावजूद टॉप-5 से बाहर चल रहा है.

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भारत की मौजूदा मेडल टेली

खिलाड़ी का नाम खेल (Sport) इवेंट / कैटेगरी पदक (Medal)
मीराबाई चानू वेटलिफ्टिंग महिला 48 किग्रा वर्ग 🥇 स्वर्ण (Gold)
शर्मिला धनखड़ पैरा एथलेटिक्स महिला शॉट पुट F57 🥇 स्वर्ण (Gold)
दिलीप महादू गावित पैरा एथलेटिक्स पुरुष 100 मीटर T47 🥇 स्वर्ण (Gold)
ऋषिकांत सिंह वेटलिफ्टिंग पुरुष 60 किग्रा वर्ग 🥈 रजत (Silver)
मुरली श्रीशंकर एथलेटिक्स पुरुष लंबी कूद (Long Jump) 🥈 रजत (Silver)
गुलवीर सिंह एथलेटिक्स पुरुष 10,000 मीटर दौड़ 🥈 रजत (Silver)
सरवेश कुशारे एथलेटिक्स पुरुष ऊंची कूद (High Jump) 🥈 रजत (Silver)
हरजिंदर कौर वेटलिफ्टिंग महिला 69 किग्रा वर्ग 🥈 रजत (Silver)
मुथुपंडी राजा वेटलिफ्टिंग पुरुष 65 किग्रा वर्ग 🥈 रजत (Silver)
ज्ञानेश्वरी यादव वेटलिफ्टिंग महिला 53 किग्रा वर्ग 🥈 रजत (Silver)
वल्लुरी अजय बाबू वेटलिफ्टिंग पुरुष 79 किग्रा वर्ग 🥈 रजत (Silver)
मोहम्मद बासिल पैरा एथलेटिक्स पुरुष 100 मीटर T47 🥈 रजत (Silver)
झंडू कुमार पैरा पावरलिफ्टिंग पुरुष हेवीवेट 🥉 कांस्य (Bronze)
बिंदियारानी देवी वेटलिफ्टिंग महिला 58 किग्रा वर्ग 🥉 कांस्य (Bronze)
शिल्पा के. शायला पैरा एथलेटिक्स महिला शॉट पुट F57 🥉 कांस्य (Bronze)

अभी जारी गेम्स में भारत की क्या है उम्मीदें?

भले ही कई बड़े खेल बाहर हो गए हों, लेकिन भारतीय दल की उम्मीदें (CWG 2026 India Medal Crisis) अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं. भारत को सबसे ज्यादा भरोसा वेटलिफ्टिंग, मुक्केबाजी (Boxing), एथलेटिक्स में विशेषकर ट्रैक एंड फील्ड और थ्रो इवेंट्स से है. वेटलिफ्टिंग में जहां भारतीय एथलीटों ने 3 गोल्ड सहित शानदार प्रदर्शन जारी रखा है, वहीं रिंग में भारतीय बॉक्सर्स ने कई मेडल पक्के कर उम्मीदें जिंदा रखी हैं.

इसके अलावा 3×3 बास्केटबॉल और पैरा-स्पोर्ट्स के मुकाबले भी भारत को मेडल टैली में ऊपर खींचने का माद्दा रखते हैं. अब देखना होगा कि बचे हुए दिनों में भारतीय जांबाज इन कयासों को झुठलाकर 24 साल पुराना अपना टॉप-5 का किला बचा पाते हैं या नहीं.

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-भारत एक्सप्रेस



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